बर्बादीः राजगीर में सड़क किनारे ओपन जिम की हालत देखिए

राजगीर (नालंदा दर्पण रिपोर्टर)। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन धर्म नगरी राजगीर में स्थापित ओपन जिमों की स्थिति अब चिंताजनक हो गई है। स्थापना के कुछ ही महीनों बाद इनकी दुर्दशा सामने आने लगी। ब्लॉक गेट के पास पीडब्ल्यूडी पाथवे पर लगाया गया ओपन जिम जड़ से टूटकर पाथवे के किनारे गिरने लगा है।
इसी तरह पंडितपुर में स्थापित जिम की हालत भी बद से बदतर हो गई है। नगर परिषद क्षेत्र के 10 वार्डो में लगाए गए इन ओपन जिमों पर प्रति जिम लगभग 15 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार जिम लगाने के दो-तीन महीने बाद ही कई उपकरणों में टूट- फूट शुरू हो गई थी। उस समय वार्ड पार्षदों की शिकायत पर उपकरणों को वेल्डिंग कर अस्थायी रूप से ठीक कराया गया था, लेकिन अब स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई पार्ट्स पूरी तरह उखड़कर अलग हो गए हैं।
गंजपर और पंडितपुर के जिमों में यह दुर्दशा साफ दिखाई देती है। ब्लॉक गेट पर लगा एक उपकरण तो टूटकर सीधे हंडर में जा गिरा है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। पंडितपुर के निवासियों का कहना है कि उनके इलाके में लगाया गया ओपन जिम खिलौनों से भी कम टिकाऊ साबित हुआ।
बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य लाभ तथा मनोरंजन की दृष्टि से स्थापित इन जिमों से लोगों को काफी उम्मीदें थीं। स्कूली बच्चे भी नियमित रूप से वहां व्यायाम के लिए पहुंचते थे। लेकिन उपकरणों की घटिया गुणवत्ता के कारण यह सुविधा छह महीने भी ठीक से नहीं चल सकी।
जानकारों के अनुसार ओपन जिम की स्थापना में बड़े पैमाने पर अनियमितता और निम्नस्तरीय सामग्रियों का उपयोग किया गया है, जिसके कारण अल्प समय में ही इनकी हालत जर्जर हो गई। पहले भी कई बार वेल्डिंग कर इन्हें चलाने की कोशिश की गई थी। पर अब स्थिति मरम्मत से आगे बढ़ चुकी है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इनकी जांच कराकर दोषी एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में जनता के पैसों की ऐसी बर्बादी न हो सके।





