आवागमनइस्लामपुरनालंदाफीचर्डसमस्याहिलसा

इस्लामपुर-राजगीर मार्ग से कटवा रसलपुर जाने वाली पक्की सड़क की हालत देखिए

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर-राजगीर मुख्य मार्ग से कटवा रसलपुर गांव को जोड़ने वाली पक्की सड़क आज गांव वालों के लिए अभिशाप बन गई हैं। बनने के कुछ साल बाद ही यह सड़क जगह-जगह से टूटकर गड्ढों और कीचड़ का शिकार हो चुकी हैं। हल्की सी बारिश होते ही पूरा रास्ता जलमग्न हो जाता हैं और वाहन चालक राहगीर जान जोखिम में डालकर गुजरते हैं।

कटवा रसलपुर के ग्रामीण रंजीत कुमार, ललेश सिंह, दिलीप कुमार समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि यह सड़क अब जानलेवा बन चुकी हैं। गड्ढों में पानी भर जाता हैं। कीचड़ इतना हो जाता हैं कि दोपहिया वाहन फिसलकर गिर पड़ते हैं। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। बच्चे स्कूल जाते समय डरते हैं।

ग्रामीणों का कहना हैं कि सड़क निर्माण के समय ड्रेनेज की कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण बारिश का पानी निकल नहीं पाता और सड़क हर साल और खराब होती जाती हैं। कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को लिखित-पत्र देकर ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी हैं कि अगर शीघ्र इस सड़क की मरम्मत और उचित ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना हैं कि विकास की बातें तो बहुत होती हैं, लेकिन हमारी यह पक्की सड़क ही टूटकर कच्ची हो गई, फिर हमारा विकास कहां हुआ?

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.