सोहसराय में मिनी गन फैक्ट्री का सनसनीखेज खुलासा, पति-पत्नी गिरफ्तार

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। सोहसराय थाना क्षेत्र के आशानगर मोहल्ले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। यहां पुलिस ने एक अवैध गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यह गन फैक्ट्री एक किराए के मकान में पति-पत्नी द्वारा संचालित की जा रही थी।

गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार निर्माण के उपकरण और अधनिर्मित असलहे बरामद किए हैं। इस घटना ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है। क्योंकि यह अवैध गतिविधि पिछले पांच वर्षों से चल रही थी। लेकिन न तो मकान मालिक को इसकी जानकारी थी और न ही मोहल्ले के किसी व्यक्ति को इसकी भनक लगी।

पुलिस की छापेमारी में 52 प्रकार के हथियार निर्माण उपकरण, अधनिर्मित पिस्टल, मैगजीन, गोलियां, ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन, और भारी मात्रा में असलहे बरामद किए गए। बरामद सामग्री में मेड इन यूएसए लिखा हुआ पिस्टल और मैगजीन, अधनिर्मित पिस्टल बॉडी और स्लाइड, लोहे से बने पिस्टल, मैगजीन, पाइप, हैंडल, हेक्सा ब्लेड, और फायरिंग उपकरण शामिल हैं। यह सारा सामान मकान के एक कमरे में संचालित अवैध गन निर्माण इकाई से प्राप्त हुआ।

नालंदा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) भारत सोनी ने प्रेस को बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। सूचना मिली थी कि अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक विश्वकर्मा अपने किराए के मकान में अवैध रूप से हथियार बना रहा है। छापेमारी के दौरान अभिषेक और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया।

एसपी ने बताया कि अभिषेक का ननिहाल मुंगेर में है, जो हथियार तस्करी का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। इस कनेक्शन के आधार पर पुलिस को हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ये हथियार किन गैंगों या समूहों को सप्लाई किए जा रहे थे। मुंगेर के हथियार तस्करी नेटवर्क से इसकी कड़ी जुड़ने की संभावना को भी खंगाला जा रहा है। फॉरेंसिक जांच, आईटी सेल की सहायता और इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर पुलिस विस्तृत कार्रवाई की तैयारी कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह मिनी गन फैक्ट्री मकान मालिक राहुल कुमार (पिता ताराचंद) के घर के एक हिस्से में पिछले पांच वर्षों से चल रही थी। लेकिन उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी। मोहल्ले के लोग भी इस खुलासे से हैरान हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनके आस-पास इतनी बड़ी अवैध गतिविधि चल रही थी और किसी को इसका अंदाजा तक नहीं हुआ। इस घटना के बाद आशानगर मोहल्ले में दहशत का माहौल है।

छापेमारी में डीएसपी नुरुल हक के नेतृत्व में एक विशेष टीम शामिल थी। जिसमें थानाध्यक्ष राजमणि, दारोगा चंद्रशेखर कुमार, राजेश कुमार ठाकुर, अलीम अंसारी, मनीष कुमार, गौरीशंकर ठाकुर, सोनू कुमार गुप्ता, राम इकबाल यादव और पुलिस बल के अन्य जवान शामिल थे।

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