सरमेरा में सनसनीखेज हत्याकांड, बदले की आग में जला एक परिवार

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। सरमेरा थाना क्षेत्र के चुहरचक गांव में अहले सुबह उस समय दहशत फैल गई, जब गोलियों की तड़तड़ाहट ने गांव की शांति को भंग कर दिया। दो बाइकों पर सवार पाँच बदमाशों ने बृजभूषण उर्फ बिरजे यादव के 18 वर्षीय पुत्र शिशुपाल कुमार पर ताबड़तोड़ सात गोलियाँ दागकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। शिशुपाल ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हत्या के बाद बदमाश पिस्तौल लहराते हुए बढ़िया गांव की ओर फरार हो गए।
घटना उस समय हुई जब शिशुपाल गांव की मुख्य सड़क से गुजरते हुए पुराने एसएच मोड पर पहुंचा। वहाँ पहले से घात लगाए बदमाशों ने उसे पकड़ लिया और उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों में सात गोलियाँ दागीं।
मृतक के पिता बृजभूषण ने बताया कि वे घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर अपने खेत में सब्जियाँ तोड़ रहे थे। उन्होंने अपने बेटे को बदमाशों के साथ हाथापाई करते देखा और बचाव के लिए दौड़े, लेकिन दो बदमाशों ने उन्हें पकड़ लिया। उनके सामने ही श्रीराम यादव और मणि यादव ने शिशुपाल को गोली मार दी।
घटना की सूचना मिलते ही सरमेरा, बढ़िया, मोहनपुर और बड़ी मिसियां सहित आसपास के गाँवों से लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। स्थानीय थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर साकेंद्र कुमार, डीएसपी नुरुल हक और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जाँच शुरू की। घटनास्थल से छह खोखे बरामद किए गए। थानाध्यक्ष ने बताया कि यह हत्याकांड बदले की भावना से प्रेरित है और बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
यह हत्याकांड 13 जुलाई 2025 को हुई किशोरी यादव की हत्या से जुड़ा है। उस मामले में शकालदेव यादव और उनके पाँच सगे भाइयों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। शकालदेव मृतक शिशुपाल के पिता बृजभूषण का फुफेरा भाई है।
किशोरी यादव के पुत्र श्रीराम यादव और मणि यादव इस हत्याकांड में मुख्य आरोपित बताए जा रहे हैं। रिश्तेदारी में उलझी यह रंजिश न केवल हिंसा का कारण बनी, बल्कि पूरे गांव में तनाव का माहौल पैदा कर रही है।
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। लेकिन सवाल उठता है कि क्या पहले हुई हत्या के बाद पर्याप्त कदम उठाए गए थे? क्या समुदाय स्तर पर मध्यस्थता या जागरूकता से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है?
लोगों का मानना है कि रिश्तेदारी और गुटबाजी के कारण गाँवों में तनाव बढ़ रहा है और इसे सुलझाने के लिए सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर प्रयासों की आवश्यकता है।





