सिलाव PHC बना बिहार का पहला पेपरलेस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

सिलाव (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के सिलाव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह बिहार का पहला ऐसा स्वास्थ्य केंद्र बन गया है, जो पूरी तरह से पेपरलेस होकर डिजिटल तकनीक के माध्यम से संचालित हो रहा है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का जायजा लेने के लिए स्वास्थ्य मिशन (आयुष्मान डिजिटल इंडिया) के प्रमुख आईएएस अधिकारी ज्योति यादव दिल्ली से सिलाव पहुंचे। उनका स्वागत नालंदा के सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार ने मेमेंटो देकर किया।

ज्योति यादव ने सिलाव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से इसकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। केंद्र में भब्या एप के माध्यम से सभी कार्य संचालित होते देख वे काफी प्रभावित हुए।

उन्होंने स्वयं अपनी स्वास्थ्य जांच कराकर इस डिजिटल प्रणाली का अनुभव लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि यह स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से पेपरलेस है, जहां मरीजों का रिकॉर्ड, जांच और अन्य सभी प्रक्रियाएं डिजिटल रूप से संचालित हो रही हैं।

ज्योति यादव ने अपने निरीक्षण के बाद कहा कि सिलाव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूरे बिहार में पहला ऐसा केंद्र है, जहां सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह से डिजिटल और सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। यहां की साफ-सफाई, कर्मचारियों की कार्यशैली और तकनीकी उपयोगिता अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के लिए एक मिसाल है।

उन्होंने केंद्र के प्रभारी और कर्मचारियों की तारीफ करते हुए कहा कि इस तरह की पहल पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में मदद करेगी।

सिलाव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भब्या एप के जरिए मरीजों का रजिस्ट्रेशन, उनकी जांच, दवाओं का वितरण और अन्य सभी प्रक्रियाएं डिजिटल रूप से की जा रही हैं। इस प्रणाली ने न केवल समय की बचत की है, बल्कि मरीजों को त्वरित और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान की हैं। यहां कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि इस डिजिटल प्रणाली से कागजी कार्यवाही में होने वाली देरी और त्रुटियों में कमी आई है।

ज्योति यादव ने केंद्र की साफ-सफाई और कर्मचारियों के कार्य करने के तरीके की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि स्वच्छता और प्रबंधन के मामले में भी एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से भी सिलाव के इस मॉडल को अपनाने की अपील की।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर राज्य स्वास्थ्य समिति के निदेशक राजेश कुमार, नालंदा के सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार, सिलाव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी पुरुषोत्तम कुमार प्रियदर्शी, डॉ. तपेश्वर कुमार, डॉ. ऋषिकेश पटेल सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। सभी ने इस उपलब्धि को बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक नया अध्याय बताया।

बहरहाल, सिलाव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की यह उपलब्धि आयुष्मान डिजिटल इंडिया मिशन के तहत बिहार में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह मॉडल न केवल नालंदा जिले, बल्कि पूरे बिहार और देश के अन्य हिस्सों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की प्रेरणा देगा।

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