ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर छात्र-छात्राओं के डेटा को लेकर सख्त निर्देश जारी

इससे पहले भी कई बार निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन स्थिति में खास सुधार नहीं दिख रहा है। जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में मात्र 55 प्रतिशत और माध्यमिक विद्यालयों में 52 प्रतिशत छात्र-छात्राओं का डेटा ही पोर्टल पर दर्ज किया गया है, जो बेहद चिंताजनक है...

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के सरकारी विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 के नामांकन लगभग दो महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक छात्र-छात्राओं का पूरा डेटा ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है। इस कारण विभाग को स्कूलों में नामांकित बच्चों का सही आंकड़ा नहीं मिल पा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में व्यवधान की संभावना बढ़ गई है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा अभियान मो. शाहनवाज ने इस संदर्भ में सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को कड़ी हिदायत दी है कि वे शीघ्रता से शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं का डेटा ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करें।

इससे पहले भी कई बार निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन स्थिति में खास सुधार नहीं दिख रहा है। जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में मात्र 55 प्रतिशत और माध्यमिक विद्यालयों में 52 प्रतिशत छात्र-छात्राओं का डेटा ही पोर्टल पर दर्ज किया गया है, जो बेहद चिंताजनक है।

मो. शाहनवाज ने बताया कि ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर जितने भी बच्चे स्कूल की उपस्थिति पंजी में नामांकित हैं, उनका डेटा सही-सही दर्ज करना अनिवार्य है। ताकि विद्यालय रजिस्टर और पोर्टल के आंकड़ों में एकरूपता स्थापित हो सके।

विभागीय समीक्षा में यह पाया गया है कि वर्ष 2025-26 में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर बच्चों की इंट्री पिछली वर्ष 2024-25 की तुलना में 44 प्रतिशत कम हुई है। खासतौर पर कक्षा 1 और कक्षा 9 में बच्चों की इंट्री सबसे कम है, जो शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने आगे कहा कि राज्य कार्यालय से इस मामले की नियमित समीक्षा की जा रही है और जल्द ही संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी हो सकती है यदि वे निर्देशों का पालन नहीं करते हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन बच्चों का नामांकन आधार कार्ड के बिना हुआ है, उन बच्चों का आधार कार्ड और अन्य आवश्यक अभिलेख जल्द से जल्द स्कूल में जमा कराना भी जरूरी है। सरकारी विद्यालयों में बच्चों के नामांकन और डेटा इंट्री के मामले में सुधार लाने के लिए विभाग हरसंभव कदम उठा रहा है, ताकि बच्चों को शिक्षा से जुड़ी सभी सरकारी सुविधाएं समय पर मिल सकें और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे।

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker