राजनीतिनालंदाबिग ब्रेकिंगबिहार शरीफभ्रष्टाचारशिक्षा

तेजस्वी फैंस एसोसिएशन ने आरोपी लिपिक को लेकर छेड़ी मुहिम

यह मामला नालंदा जिला शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठा रहा है। यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो यह न केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा, बल्कि जनता के बीच प्रशासन के प्रति अविश्वास को और गहरा करेगा..

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय में तैनात लिपिक अरविन्द कुमार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेजस्वी फैंस एसोसिएशन सहित कई सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि अरविन्द कुमार लंबे समय से कार्यालय में जमे हुए हैं और विभिन्न अनियमितताओं में संलिप्त हैं। इसके बावजूद उनके स्थानांतरण (विरमण) के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर संदेह पैदा हो रहा है।

विगत जून 2025 में क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक पटना प्रमंडल की ओर से एक सामूहिक स्थानांतरण आदेश जारी किया गया था, जिसमें तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत लिपिकों को स्थानांतरित करने का निर्देश था। शुरुआत में इस सूची में अरविन्द कुमार का नाम शामिल नहीं था, लेकिन सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद उन्हें राजकीय त्रिभुवन उच्च विद्यालय, नौबतपुर, पटना में स्थानांतरित कर दिया गया। नालंदा जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 8 सितंबर 2025 तक प्रभार हस्तांतरण करने का स्पष्ट आदेश जारी किया था।

हैरानी की बात यह है कि इस आदेश के दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अरविन्द कुमार को विरमित (रिलीव) नहीं किया गया है। तेजस्वी फैंस एसोसिएशन की सचिव गायत्री देवी ने आरोप लगाया कि डीईओ कार्यालय की मिलीभगत के कारण यह देरी जानबूझकर की जा रही है। उनका कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस मामले को टालने की कोशिश की जा रही है, ताकि आगामी चुनाव आचार संहिता लागू होने पर यह प्रक्रिया स्वतः रुक जाए।

तेजस्वी फैंस एसोसिएशन सहित अन्य संगठनों ने अरविन्द कुमार पर फर्जी शिक्षकों के नाम पर वेतन भुगतान और अन्य अनियमित गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। दावा किया जा रहा है कि लिपिक ने अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध रूप से धन अर्जित किया है। गायत्री देवी ने बताया कि स्थानीय समुदाय और शिक्षक संगठनों ने इस संबंध में कई बार शिकायतें दर्ज कीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

तेजस्वी फैंस एसोसिएशन ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से अपील की है कि अरविन्द कुमार को तुरंत विरमित किया जाए और उनके खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो। साथ ही संगठन ने मांग की है कि इस मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहे।

गायत्री देवी ने कहा कि हमारी मांग है कि भ्रष्टाचार पर तुरंत रोक लगाई जाए। शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस तरह की अनियमितताएं बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। हम चाहते हैं कि नालंदा का शिक्षा विभाग स्वच्छ और निष्पक्ष हो।

हालांकि नालंदा जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार कार्यालय के कुछ अधिकारियों का मानना है कि यह मामला जल्द ही सुलझा लिया जाएगा, लेकिन देरी के कारणों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.