बिहारशरीफ में फांसी के फंदे से झूलता मिला जमीन कारोबारी का शव

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहारशरीफ नगर अंतर्गत लहेरी थाना क्षेत्र के भैसासुर मोहल्ले में एक किराए के मकान में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां एक जमीन कारोबारी का शव फांसी के फंदे पर झूलता पाया गया। मृतक की पहचान सरमेरा थाना क्षेत्र के वृंदावन गांव निवासी भोला पासवान के 35 वर्षीय बेटे सुजीत कुमार उर्फ सज्जू के रूप में हुई है।
इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया, बल्कि सुजीत के 19 पन्नों के पत्र ने उनके जीवन की दुखद और जटिल कहानी को उजागर किया है। इस पत्र में सुजीत ने अपने दोस्त और मामा पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। साथ ही अपनी आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों का जिक्र किया।
पुलिस ने घटनास्थल से बरामद 19 पन्नों के पत्र में सुजीत ने अपने जीवन की पूरी गाथा लिखी है। इस पत्र में उन्होंने विस्तार से बताया कि उन्होंने किन-किन लोगों को कितने रुपये उधार दिए और किन लोगों से कितने रुपये वापस लेने थे।
पत्र में सुजीत ने अपने एक दोस्त सृष्टि राज का जिक्र किया, जिसने नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये लिए। सृष्टि ने वादा किया था कि यह राशि उनकी नौकरी पक्की करने के लिए जरूरी है, लेकिन इस राशि का कोई हिसाब नहीं दिया गया।
इसके अलावा सुजीत ने अपने मामा पर भी गंभीर आरोप लगाए। पत्र के अनुसार, उनके मामा ने घर दिलवाने के नाम पर सुजीत से 50 से 60 लाख रुपये लिए। लेकिन बाद में धोखे से मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली और गुजरात भाग गए। सुजीत ने लिखा कि उनके मामा ने न केवल उनके साथ विश्वासघात किया, बल्कि उनके आर्थिक संकट को और गहरा कर दिया।
सुजीत ने पत्र में अपनी 8 साल की बेटी के लिए इंश्योरेंस करवाने का भी जिक्र किया है। उन्होंने अपने भाई और परिवार से अपील की कि वे उनकी बेटी और पत्नी का ख्याल रखें। पत्र में कई लोगों की तस्वीरें भी शामिल थीं, जिनसे सुजीत ने कर्ज लिया था। इन लोगों द्वारा पैसे वापस करने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसने सुजीत को मानसिक रूप से तोड़ दिया।
सुजीत की पत्नी अर्चना कुमारी और उनकी 8 साल की बेटी लखीसराय में रहती हैं। परिवार के अनुसार घटना से कुछ घंटे पहले सुजीत ने अपनी पत्नी और बेटी से वीडियो कॉल पर बात की थी। इस दौरान सुजीत सामान्य दिख रहे थे और परिवार का हालचाल पूछ रहे थे। उनकी पत्नी और बेटी को उनके चेहरे पर किसी तरह की परेशानी का कोई संकेत नहीं मिला।
सुजीत जमीन कारोबार के साथ-साथ विभिन्न संस्थानों में एडमिशन करवाने का काम भी करते थे। उनके ऊपर लगभग एक करोड़ रुपये का कर्ज था। इस कर्ज को चुकाने के लिए सुजीत एक नया लोन लेने की तैयारी में थे। बैंक से उनकी बातचीत हो चुकी थी और कुछ ही दिनों में कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोन मिलने की संभावना थी। इसके अलावा सुजीत ने अपनी पत्नी के नाम पर भी 10 लाख रुपये का लोन लिया हुआ था।
गुरुवार की रात जब सुजीत के परिवार ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद परिवार तुरंत उनके किराए के मकान पर पहुंचा, जहां उन्होंने सुजीत को पंखे से रस्सी के सहारे लटकते हुए पाया। स्थानीय लोगों ने तुरंत लहेरी थाना पुलिस को सूचना दी।
लहेरी थाना पुलिस के अनुसार अभी तक परिजनों की ओर से कोई औपचारिक आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि पुलिस ने घटनास्थल से 19 पन्नों का पत्र और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। पत्र में सुजीत ने आर्थिक तंगी और पैसे के लिए आत्महत्या करने की बात लिखी है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। थाना अध्यक्ष ने कहा कि आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।





