पेड़ से लटका मिला युवक का शव, पुलिस हिरासत में 2 आरोपी की धुनाई

दीपनगर (नालंदा दर्पण)। दीपनगर थाना क्षेत्र के लाखरावां गांव में एक सनसनीखेज घटना ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया। गांव में एक युवक का शव पंचाने नदी के किनारे पीपल के पेड़ से लटका हुआ मिला। इसके बाद मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपी के घर पर जमकर हंगामा किया। इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।
मृतक की पहचान विनोद प्रसाद के 23 वर्षीय बेटे सोनू कुमार के रूप में हुई है। सोनू का शव सबसे पहले गांव की एक महिला ने देखा, जिसके बाद उसने ग्रामीणों को सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों और मृतक के परिजनों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को पेड़ से उतारा और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
सोनू के चाचा अनीश कुमार ने बताया कि दो दिन पहले गांव में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने सोनू को जान से मारने की धमकी दी थी। परिजनों का आरोप है कि सोनू की पहले पीट-पीटकर हत्या की गई और फिर शव को पेड़ पर लटकाकर मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
सोनू के शव को लेकर गुस्साए परिजनों ने गांव के मनीष कुमार, विवेक कुमार, विकास कुमार, नीरज कुमार और अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया। परिजनों ने मनीष कुमार के घर पर पथराव किया, जिससे घर के दरवाजों और खिड़कियों के कांच टूट गए। इस दौरान स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस ने मनीष कुमार और विवेक कुमार को हिरासत में लिया, लेकिन गुस्साई भीड़ ने हिरासत में लिए गए आरोपियों की पिटाई शुरू कर दी। पुलिस ने किसी तरह भीड़ से बचाकर दोनों आरोपियों को थाने पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार दो दिन पहले गांव में दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस मामले को दीपनगर थाने में सुलझाया गया था, जहां दोनों पक्षों अशोक कुमार और अनीश कुमार समेत अन्य लोगों ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि परिजनों का कहना है कि इस समझौते के बावजूद दूसरे पक्ष ने सोनू को निशाना बनाया।
दीपनगर थानाध्यक्ष जितेंद्र राम ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस ने वहां कैंप स्थापित कर दिया है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
इस घटना ने लाखरावां गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी रंजिश के कारण यह हत्याकांड हुआ है। वहीं परिजनों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें पुराने विवाद और धमकी के आरोप भी शामिल हैं। पोस्टमॉर्टम और एफएसएल की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।





