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सिलाव में श्रमजीवी और पावापुरी में बुद्ध पूर्णिमा का ठहराव शुरु

राजगीर (नालंदा दर्पण संवाददाता)। नालंदा जिले के सिलाव और पावापुरी क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रेल मंत्रालय ने स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए सिलाव रेलवे स्टेशन पर श्रमजीवी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12391/92) और पावापुरी रोड हॉल्ट पर बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14223/24) के ठहराव को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से न केवल स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर है, बल्कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सुगम यात्रा के नए द्वार भी खुल गए हैं।

दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत राजगीर-बख्तियारपुर रेल खंड पर स्थित सिलाव रेलवे स्टेशन पर अब श्रमजीवी एक्सप्रेस का ठहराव शुरू हो गया है। रेल मंत्रालय द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार यह ट्रेन प्रतिदिन सुबह 8:10 बजे सिलाव स्टेशन पर पहुंचेगी और 8:12 बजे प्रस्थान करेगी। इस ट्रेन के ठहराव से सिलाव और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को देश की राजधानी नई दिल्ली तक की यात्रा में अब पहले से कहीं अधिक सुविधा होगी।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले उन्हें ट्रेन पकड़ने के लिए नालंदा या राजगीर जैसे बड़े स्टेशनों तक जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी। अब श्रमजीवी एक्सप्रेस के ठहराव से उनकी यह परेशानी खत्म हो गई है। अब दिल्ली या अन्य बड़े शहरों की यात्रा के लिए हमें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

इसी रेल खंड पर स्थित पावापुरी रोड हॉल्ट पर बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस के ठहराव की शुरुआत भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ट्रेन बौद्ध तीर्थयात्रियों के लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह वाराणसी और गया जैसे प्रमुख बौद्ध स्थलों को जोड़ती है। पावापुरी जैन धर्म के अनुयायियों के लिए एक पवित्र तीर्थस्थल है, अब रेल सुविधा के मामले में और सशक्त हो गया है।

पावापुरी रोड हॉल्ट पर इस ट्रेन के ठहराव से न केवल स्थानीय लोगों को लाभ होगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को भी सुविधा होगी। स्थानीय व्यापारी और जैन समुदाय के सदस्यों ने इस कदम का स्वागत किया है। पावापुरी में बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस का ठहराव पर्यटन को बढ़ावा देगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

इस नई रेल सुविधा से सिलाव और पावापुरी के लोगों में उत्साह का माहौल है। दोनों स्टेशनों पर ठहराव शुरू होने से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। खास तौर पर पावापुरी जैसे धार्मिक स्थल पर तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय दुकानदारों और सेवा प्रदाताओं को लाभ होगा।

रेल मंत्रालय के इस निर्णय को स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सराहा है। सिलाव और पावापुरी में श्रमजीवी और बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस के ठहराव की शुरुआत नालंदा जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह न केवल स्थानीय लोगों की यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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