राजगीर, नालंदा और पावापुरी तक पहुंची भारत-पाक तनाव की आंच, हाई अलर्ट
आम नागरिकों और पर्यटकों से अपील है कि वे सतर्क रहें, किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हर परिस्थिति से निपटने को पूरी तरह तैयार हैं...

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब देश के आंतरिक हिस्सों तक दिखने लगा है। नालंदा जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले प्रमुख स्थलों राजगीर, नालंदा और पावापुरी में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से सख्त कर दिया गया है। जिला प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही और संवेदनशील हालातों को ध्यान में रखते हुए चप्पे-चप्पे पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
राजगीर के डीएसपी सुनील कुमार सिंह खुद सड़क पर उतरकर वाहनों की तलाशी अभियान की अगुवाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजगीर न केवल पर्यटन की दृष्टि से बल्कि सामरिक रूप से भी अहम है। यहां स्थित आयुध निर्माणी नालंदा (ऑर्डनेंस फैक्ट्री) को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। फैक्ट्री के अंदर-बाहर सुरक्षा के कई स्तर बनाए गए हैं। बिना पहचान पत्र के किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
राजगीर की सभी प्रमुख सड़कों पर चेक पोस्ट लगाए गए हैं। हर वाहन और व्यक्ति की बारीकी से जांच की जा रही है। डीएसपी के अनुसार सभी होटलों, लॉजों और गेस्ट हाउसों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारी खुद होटल रजिस्टर खंगाल रहे हैं और आगंतुकों के पहचान पत्रों की पुष्टि कर रहे हैं। होटल प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
पावापुरी, जो जैन धर्म का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, वहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में गश्त और निगरानी को बढ़ा दिया गया है। नालंदा विश्वविद्यालय खंडहर क्षेत्र में भी सुरक्षा बल लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया है। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। साथ ही साइबर कैफे और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स भी पुलिस के रडार पर हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना को समय रहते रोका जा सके।





