नगरनौसा पंचायत समिति की बैठक में भी गूंजा आवास वसूली का मुद्दा

नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। प्रखंड कार्यालय सभागार कक्ष में नगरनौसा पंचायत समिति के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ कई गंभीर मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख रंजू कुमारी ने की। बैठक की शुरुआत में ही अनुपस्थित अधिकारियों को लेकर सदस्यों ने नाराजगी जाहिर की और उनसे स्पष्टीकरण (शो कॉज) की मांग करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में प्रखंड आवासीय परिसर में अधिकारियों के आवास के नवीनीकरण पर षष्टम वित्त आयोग की राशि से हुए खर्च को लेकर सवाल उठे। पंचायत समिति सदस्यों ने इस पूरे खर्च की निष्पक्ष जांच के लिए एक जांच टीम गठित किए जाने का अनुरोध किया। ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आ सके।
आवास योजना को लेकर भी बैठक में तीखी बहस देखने को मिली। सदस्यों ने आरोप लगाया कि कई पात्र लाभार्थियों के नाम सूची से छूट गए हैं। वहीं कुछ मामलों में अवैध रूप से पैसा लिए जाने की शिकायतें भी सामने आईं। इस पर संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को लेकर भी बैठक में कई योजनाओं पर सहमति बनी। खासकर महादलित टोलों में पेयजल संकट को गंभीर बताते हुए वहां आठ नए चापाकल लगाए जाने का निर्णय लिया गया। सदस्यों ने कहा कि पानी जैसी मूलभूत समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। रामलाल उच्च विद्यालय, खपुरा में बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के चाहरदीवारी निर्माण का मामला उठाया गया। सदस्यों ने इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण की मांग की।
इसके अलावा योजनाओं पर हुए खर्च के भुगतान में हो रही देरी को लेकर पंचायत समिति सदस्यों ने नाराजगी जताई। जिला स्तर से एक नए तकनीकी सहायक (टीए) की प्रतिनियुक्ति की मांग करते हुए वर्तमान टीए की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए गए।
बैठक में बीडीओ ओमप्रकाश कुमार, सीओ सत्येंद्र कुमार, बीपीआरओ अनुष्का कुमारी, पीटीए दिनेश कुमार, आवास पर्यवेक्षक आलोक कुमार, बीईओ कुमारी पुष्पा, बीएओ महेश चौधरी सहित पंचायत समिति सदस्य और विभिन्न पंचायतों के मुखिया उपस्थित थे।
बैठक के अंत में प्रमुख रंजू कुमारी ने कहा कि पंचायत स्तर पर पारदर्शी और प्रभावी विकास ही समिति की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





