सरकारी स्कूल से 14 बोरे चावल, दाल,तेल, सिलेंडर समेत MDM की पूरी रसोई ही उड़ा ले गए चोर!

कतरीसराय (नालंदा दर्पण संवाददाता)। कतरीसराय प्रखंड अंतर्गत बादी मुशहरी प्राथमिक विद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब बीती रात चोरों ने स्कूल की रसोई और ऑफिस का ताला तोड़कर मध्याह्न भोजन योजना (MDM) की सारी जरूरी सामग्री चोरी कर ली। इस चोरी हुई सामान की सूची देखकर हर कोई दंग है। 14 बोरे चावल, 5 किलो दाल, 2 लीटर सरसों का तेल, एक भरा हुआ बड़ा कमर्शियल गैस सिलेंडर, दो बड़े प्लास्टिक टब, एक स्टील का बड़ा बर्तन, एक एल्यूमिनियम का भारी बर्तन और अन्य रसोई सामग्री गायब!

सुबह करीब 9 बजे जब विद्यालय की कार्यवाहक प्रभारी शिक्षिका रजनी कुमारी स्कूल पहुंचीं तो उन्हें मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर देखा तो रसोई और स्टोर रूम की हालत देखकर उनके होश उड़ गए। पूरी रसोई खाली पड़ी थी।

उन्होंने तुरंत प्रभारी प्रधानाध्यापक टुन्नी कुमार को फोन किया, जो उस दिन अकास्मिक अवकाश पर थे। श्री कुमार भी तुरंत नवसृजित इस प्राथमिक विद्यालय पहुंचे और घटना का जायजा लिया।

शिक्षिका रजनी कुमारी ने बताया, “मैं रोज की तरह समय से स्कूल आई थी। दूर से ही ताला टूटा दिख रहा था। अंदर जाकर जो नजारा देखा, पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्चों के लिए रखा सारा राशन और बर्तन तक चोरी हो गए। यह सिर्फ चोरी नहीं, गरीब बच्चों का हक मारने की घटना है।”

घटना की लिखित शिकायत कतरीसराय थाने में दर्ज करा दी गई है। थानाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार ने बताया, “प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। हमारी टीम मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है। आसपास के गांवों में छापेमारी और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही चोर पकड़े जाएंगे।”

इधर गांव के लोग आक्रोशित हैं। ग्रामीण संजय यादव, रामविलास मांझी और रेणु देवी ने कहा, “स्कूल में न चौकीदार है, न दीवार ठीक से बनी है। रात में कोई भी आ-जा सकता है। पहले भी छोटी-मोटी चोरियां होती रही हैं, लेकिन प्रशासन ने कभी ध्यान नहीं दिया। अब बच्चों का खाना तक छीन लिया गया। क्या गरीब का बच्चा भूखा मरेगा?”

मध्याह्न भोजन योजना से इस स्कूल के करीब 120 बच्चे जुड़े हैं। चोरी के कारण फिलहाल मिड-डे-मील पूरी तरह बंद हो गया है। शिक्षकों ने जिला शिक्षा विभाग से तुरंत नई सामग्री उपलब्ध कराने और स्कूल में स्थायी चौकीदार व मजबूत घेराबंदी की मांग की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

अन्य समाचार