Covid variant JN-1 की धमक से हड़कंप, अस्पतालों में RTPCR जांच शुरु

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण संवाददाता)। एक बार फिर कोविड-19 के नए वेरिएंट जेएन-1 (Covid variant JN-1) ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है। विश्व के कई देशों में इस नए वेरिएंट के मरीज सामने आने के बाद भारत में भी इसके मामले दर्ज होने लगे हैं। मुंबई के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दो कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत ने चिंता बढ़ा दी है। इस स्थिति को देखते हुए बिहार के नालंदा जिले में भी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तर पर अलर्ट जारी करते हुए सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को कोविड जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से बाहर से आने वाले लोगों और कोविड जैसे लक्षणों वाले संदिग्ध मरीजों पर नजर रखने को कहा गया है। इसका उद्देश्य प्रारंभिक स्तर पर ही मरीजों की पहचान कर संक्रमण को फैलने से रोकना है।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) श्याम कुमार निर्मल ने बताया कि फिलहाल जांच शुरू करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसके लिए मॉडल अस्पताल, अनुमंडलीय रेफरल अस्पताल, और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर कोविड जांच की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि हालांकि बिहारशरीफ में अभी कोविड फैलने की कोई संभावना नहीं दिख रही है, लेकिन अन्य राज्यों में इसकी मौजूदगी को देखते हुए हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।

जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि आरटीपीसीआर जांच के लिए जिले में पर्याप्त मात्रा में वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम (वीटीएम) उपलब्ध है। वर्तमान में जिला स्टोर में 52000 वीटीएम और पीएचसी व अन्य अस्पतालों में 5425 वीटीएम मौजूद हैं। इनका वितरण सभी स्वास्थ्य केंद्रों में प्लान के अनुसार किया जाएगा। इसके अलावा विम्स (वर्धमान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) से भी समन्वय स्थापित किया गया है ताकि सैंपल प्राप्त होने पर तुरंत जांच शुरू की जा सके।

डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि कोविड के पहले चरण के बाद लैब टेक्निशियनों को अन्य कार्यों में प्रतिनियुक्त कर दिया गया था। अब सभी टेक्निशियनों को एकत्रित कर जांच प्रक्रिया को तेज करने की योजना बनाई जा रही है। बाहर से आने वाले लोगों और संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों को जांच में प्राथमिकता दी जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे कोविड-19 के लक्षणों जैसे बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ या गले में खराश होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। साथ ही मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और बार-बार हाथ धोने जैसे एहतियाती उपायों को अपनाने की सलाह दी गई है।

नालंदा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस नए वेरिएंट के खतरे को गंभीरता से ले रहा है। डीपीएम निर्मल ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि स्थिति को नियंत्रण में रखा जाए। इसके लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी तैयारियों को पूरा करें और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें।

हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि घबराने की जरूरत नहीं है। सही समय पर जांच और इलाज से इस वेरिएंट को नियंत्रित किया जा सकता है। बिहारशरीफ के लोग अब पहले से ज्यादा जागरूक हैं और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस का पालन करने के लिए तैयार हैं।

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