यूं पूरा हुआ कोरम, तब जाकर नगर पंचायत सरकार ने ली राहत की सांस

नालंदा दर्पण रिपोर्टर। नगर पंचायत नालंदा में आयोजित सामान्य बोर्ड की बैठक में नगर पंचायत सरकार ने बड़ी मशक्कत के बाद कोरम पूरा किया। कोरम पूरा करने के लिए सरकार, पदाधिकारी और कर्मचारियों के पसीने छूट गये। तीन घंटे की मशक्कत के बाद पार्षदों को घर से लाद लाद कर लाया गया। कोरम पूरा होने से सरकार ने राहत की सांस ली।
गौरतलब है कि शनिवार को नालंदा नगर पंचायत सरकार की सामान्य बोर्ड की बैठक आहुत की गयी थी, लेकिन पार्षदों नें कार्यपालक पदाधिकारी से आग्रह किया कि तिथि बढा दी जाय, क्योंकि पार्षदगण राज्य योजना के लिए योजना के मनमानी तरह से चयन को लेकर नाराज थे।
पार्षदगण का कहना था कि राज्य योजना के लिए हर वार्ड से योजना लिया जाना चाहिए। किसी वार्ड के लिए करोड़ की योजना और किसी वार्ड के लिए कुछ भी नहीं होना यह सरासर अन्याय है। बिना वार्ड को बताये योजना का मनमानी तरह से चयन करना उचित नहीं हैं।
कार्यपालक पदाधिकारी ने हर वार्डसे योजना लेने और तिथी बढाने को लेकर राजी हो गये लेकिन सरकार नहीं मानी वह बैठक आहुत करने को लेकर अड़ गयी। सामान्य बोर्ड की बैठक शक्ति प्रदर्शन बैठक का रूप ले लिया ।
बैठक में आने को लेकर पार्षदों को फोन पर फोन किये गये। पार्षदों को कभी पदाधिकारी फोन कर रहे थे तो कभी कर्मचारी। उन्हें मनाने के लिए तरह तरह के आश्वासन देकर गुमराह किया गया। प्रलोभन की बौछार की गयी, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
निर्धारित समय दोपहर 12 बजे जब बैठक शुरू हुई, तब मुख्य पार्षद के साथ तीन पार्षद ही नजर आये। यह देख नगर पंचायत सरकार में सन्नाटा छा गया .कोरम पूरा करने के लिए छह पार्षदों की उपस्थिति अनिवार्य थी। क्योंकि कुल 17 वार्ड पार्षदों में कोरम पूरा करने के लिए एक तिहाई वार्ड पार्षद की उपस्थिति अनिवार्य होती है।
तीन और पार्षदों को लाकर कोरम पूरा करने में पदाधिकारी, कर्मचारी के साथ-साथ अन्य एजेन्सी को भी लगाया गया। वार्ड पार्षदों को योजना देने का प्रलोभन दिया गया। दो-तीन घंटे की मशक्कत के बाद तीन पार्षद मान गये। फिर जल्दी-जल्दी पार्षदों के घर जा-जाकर उन्हें गाडी से लाया गया। तब जाकर कोरम पूरा हुआ और नगर पंचायत सरकार ने राहत की सांस ली।





