ग्रीष्मावकाश बाद सरकारी स्कूलों का समय बदला, जानें नया सारणी

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संचालन समय में बदलाव की घोषणा की है। ग्रीष्मावकाश के बाद यानी 22 जून 2025 से स्कूल सुबह 9:30 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक संचालित होंगे। यह निर्णय शिक्षा विभाग के निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) द्वारा जारी पत्रांक-01/मा.शि./स्था.-68/2024, दिनांक 20 जून 2025 के तहत लिया गया है।

शिक्षा विभाग के पूर्व आदेश (पत्रांक-664, दिनांक 04 अप्रैल 2025) के अनुसार गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए 7 अप्रैल 2025 से 1 जून 2025 तक स्कूल सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चल रहे थे। यह समय गर्मी की तीव्रता को देखते हुए निर्धारित किया गया था। ताकि छात्रों को दोपहर की गर्मी से बचाया जा सके। हालांकि ग्रीष्मावकाश के बाद अब मौसम में सुधार और सामान्य स्थिति को देखते हुए स्कूलों का समय सामान्य शेड्यूल पर लौटाया जा रहा है।

नए आदेश के अनुसार 22 जून 2025 से सभी सरकारी और राजकीयकृत प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक संचालित होंगे। यह बदलाव विभागीय पत्रांक-2444, दिनांक 21 नवंबर 2024 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है। शिक्षा विभाग ने इस बदलाव को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशकों, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को सूचित कर दिया है।

शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ग्रीष्मावकाश के बाद मौसम सामान्य होने और दिन के तापमान में कमी आने के कारण यह निर्णय लिया गया है। नया समय विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अधिक समय प्रदान करेगा और शिक्षकों को पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने में सहायता मिलेगी। इसके अलावा यह समय शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए सुविधाजनक है, क्योंकि यह सामान्य कार्यदिवस के अनुरूप है।

शिक्षा विभाग ने इस आदेश की जानकारी शिक्षा मंत्री के आप्त सचिव, विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव, सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, निदेशकों, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, संस्कृत शिक्षा बोर्ड, मदरसा शिक्षा बोर्ड और सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को भेज दी है। साथ ही सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को इस आदेश का प्रचार-प्रसार करने के लिए निर्देशित किया गया है ताकि अभिभावकों और छात्रों तक यह जानकारी समय पर पहुंच सके।

इस बदलाव को लेकर अभिभावकों और छात्रों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ अभिभावकों का कहना है कि सुबह का समय बदलने से बच्चों को अतिरिक्त आराम मिलेगा। वहीं कुछ का मानना है कि दोपहर 4:00 बजे तक स्कूल चलने से बच्चों का दिन लंबा हो सकता है।

एक अभिभावक रमेश कुमार ने कहा कि यह समय बच्चों के लिए ठीक है, लेकिन स्कूलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पढ़ाई का माहौल और बुनियादी सुविधाएं जैसे पानी और पंखे उपलब्ध हों।

शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे नए समय के अनुसार अपनी व्यवस्था को सुनिश्चित करें। स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने के लिए शिक्षकों के साथ समन्वय बनाए रखें। इसके अलावा स्कूलों को स्वच्छता, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

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