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राजगीर, नालंदा और पावापुरी में पर्यटकों की सुविधा पहली प्राथमिकता : डीएम

राजगीर (नालंदा दर्पण रिपोर्टर)। भगवान बुद्ध से जुड़ी धरती राजगीर में देश-विदेश के टूर ट्रैवल्स और टूर ऑपरेटर्स के तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का रंगारंग अगाज हुआ। भारत, नेपाल, लाओस, कंबोडिया, बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, वियतनाम सहित कई एशियाई देशों के प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल हैं।

दीप प्रज्वलित कर इस सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए डीएम कुंदन कुमार ने कहा कि राजगीर, नालंदा और पावापुरी की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत विश्व पर्यटन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस अवसर पर उनके द्वारा प्रदर्शनी स्टॉल का भी उद्घाटन किया गया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राजगीर में जू सफारी, नेचर सफारी, लेजर शो, सड़क एवं पथ प्रकाश व्यवस्था जैसी कई परियोजनाएँ तेजी से विकसित हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही हैं। आप सभी के सुझावों पर गंभीरता से अमल होगा।

इस अवसर पर डीएम ने राजगीर, नालंदा और पावापुरी की ऐतिहासिक-आध्यात्मिक विरासतों का उल्लेख करते हुए देश विदेश के प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि राजगीर भगवान बुद्ध और तीर्थंकर महावीर की उपदेश स्थली हैं। बुद्ध की करुणा, दया, बंधुत्व और उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने ढाई हजार वर्ष पूर्व थे।

उन्होंने कहा कि राजगीर पौराणिक, ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और पुरातात्विक धरोहरों से समृद्ध हैं। वर्तमान में जितनी विरासतें दिखती हैं, उससे कहीं अधिक अब भी धरातल के नीचे दबी हैं, जिन्हें पर्यटकों के सामने लाने का प्रयास किया जा रहा हैं।

डीएम ने कहा कि बिहार सरकार खासकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विशेष प्रयास से राजगीर में नई-नई परियोजनाएं लागू हो रही हैं। पंचपहाड़ी क्षेत्र, प्राकृतिक सौंदर्य, वेणुवन, पांडु पोखर, जू सफारी-नेचर सफारी जैसे आकर्षणों को और विकसित किया जा रहा हैं। पर्यटकों के लिए लेजर शो जैसी नई व्यवस्थाएँ भी लागू की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि यह भूमि केवल बौद्ध और जैन धर्मावलंबियों के लिए ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के अनुयायियों लिए आस्था की धरती हैं। सम्मेलन में नेपाल सहित विदेशों से आए प्रतिनिधियों ने रोपवे, नेचर सफारी और जू सफारी के ऑनलाइन टिकट बुकिंग से जुड़ी समस्या बताई, जिस पर डीएम ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि राजगीर को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए फाइव स्टार होटल, फोरलेन सड़क सहित अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा हैं।

डीएम ने विदेशी देशी टूर ऑपरेटरों से आग्रह किया कि वे राजगीर-नालंदा-पावापुरी की धरोहरों का स्वयं भ्रमण करें, जिससे वे दुनिया भर के पर्यटकों को इन स्थलों का महत्व बेहतर ढंग से बता सकेंगे।

19 से 21 दिसंबर तक राजगीर में आयोजित होने वाले राजगीर महोत्सव में शामिल होने का आमंत्रण भी उनके द्वारा देशी विदेशी टूर ऑपरेटरों को दिया गया।

इस कार्यक्रम में नगर आयुक्त दीपक कुमार मिश्रा, सहायक समाहर्ता सुश्री कृष्णा जोशी, बांग्लादेश बौद्धिस्ट क्रिस्टी प्रचार संघ के उपाध्यक्ष भंते करुमानंद थेरो, साउथईस्ट एशिया यूनिवर्सिटी के व्याख्याता पोन पुत्थानुकौर्न, एबीटीओ कंबोडिया के कंट्री हेड साओरिन सिम, नेपाल के लुम्बिनी कल्चरल म्युनिसिपैलिटी के प्रतिनिधि अनामुल्लाह फकीर एवं हरि प्रसाद ज्ञानवाली, वर्ल्ड बैंक के एडवाइजर रवि बनकर, स्पिरिचुअल टूर्स वाराणसी के एमडी और एबीटीओ के वाइस प्रेसिडेंट संतोष सिंह सहित कई प्रमुख हस्तियाँ मौजूद थे।

इस कार्यक्रम संचालन एबीटीओ के सचिव डॉ कौलेश कुमार ने किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।

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