
हिलसा (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के एकंगरसराय थाना क्षेत्र में 15 अगस्त 2025 को हुए दो सनसनीखेज लूट कांडों के मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी अनुसंधान के बल पर अपराधियों को धर दबोचा गया।
हिलसा डीएसपी-2 कुमार ऋषिराज द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी गई है कि बीते 15 अगस्त की दोपहर करीब 15:30 बजे धुरगांव रोड, अतरामचक मोड़ के पास निरंजन कुमार के साथ हथियार का भय दिखाकर उनका मोबाइल और 500 रुपये नकद छीन लिए गए।
उसी दिन संध्या करीब 17:00 बजे एक अन्य घटना में रामउचित कुमार, जो एकंगरसराय में पढ़ाई के बाद अपने घर लौट रहे थे, उनके साथ राम बाटिका मैरेज हॉल के पास हथियार का भय दिखाकर उनका मोबाइल छीन लिया गया।
दोनों पीड़ितों ने एकंगरसराय थाने में लिखित शिकायत दर्ज की, जिसके आधार पर थाना कांड संख्या 194/25 और 195/25 दर्ज किए गए।
पुलिस ने तकनीकी और मानवीय अनुसंधान के आधार पर पाया कि दोनों लूट कांडों में अपराधियों की कार्यशैली समान थी और यह एक ही गिरोह का काम था। अनुसंधान के दौरान चंडी थाना पुलिस को 16 अगस्त 2025 को रेहटीपर के पास गश्त के दौरान दो संदिग्ध अपराधियों को अवैध हथियार और चोरी के मोबाइलों के साथ गिरफ्तार किया गया।
पकड़े गए अभियुक्तों में से एक निरज कुमार उर्फ डब्लू (पिता नरेंद्र प्रसाद उर्फ बुलेट यादव, निवासी भातु बिगहा, थाना थरथरी, जिला नालंदा) ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने अपने सहयोगी दीपन कुमार (पिता अजीत कुमार, निवासी गबरापर, थाना हिलसा, जिला नालंदा) और एक अन्य साथी के साथ मिलकर एकंगरसराय में इन लूट कांडों को अंजाम दिया था।
अनुसंधान को आगे बढ़ाते हुए 25 अगस्त की रात को एकंगरसराय पुलिस ने दीपन कुमार को उसके घर से लूटे गए मोबाइलों के साथ गिरफ्तार किया। दीपन कुमार ने भी पूछताछ में दोनों लूट कांडों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
इस सफल ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीम में पुलिस निरीक्षक श्रीकांत कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक सह थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा, पुलिस अवर निरीक्षक सह अपर थानाध्यक्ष प्रभाकर कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक ओमकिशोर सिंह एवं एकंगरसराय थाना के रिजर्व गार्ड एवं चालक थे।





