सर्पदंश पीड़िता की मौत पर इस्लामपुर PHC में हंगामा, विधायक भी दिखे लाल
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा प्रभारी डॉ. सत्यम प्रकाश की कथित लापरवाही के कारण एक सर्पदंश पीड़िता राधा देवी की दुखद मृत्यु हो गई। मृतका राधा देवी इस्लामपुर थाना क्षेत्र के महरोगौरैया गांव निवासी शोभी यादव की पत्नी थीं। इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को स्तब्ध कर दिया, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं।
बताया जाता है कि मंगलवार की रात करीब साढ़े आठ बजे राधा देवी को उनके घर में ही एक जहरीले सांप ने काट लिया। परिजनों और पंचायत के मुखिया युगेश्वर यादव ने तुरंत उन्हें इलाज के लिए इस्लामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।
मुखिया ने चिकित्सा प्रभारी डॉ. सत्यम प्रकाश से फोन पर संपर्क किया, लेकिन डॉ. प्रकाश ने अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम वैक्सीन की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए राधा देवी को कहीं और ले जाने की सलाह दी।
परिजनों ने डॉ. प्रकाश के इस रवैये को नजरअंदाज कर राधा देवी को एक निजी चिकित्सक के पास ले जाने का निर्णय लिया। लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही राधा देवी की मृत्यु हो गई। इस बीच मुखिया युगेश्वर यादव को विशेष सूत्रों से पता चला कि अस्पताल में पांच डोज एंटी-स्नेक वेनम वैक्सीन उपलब्ध थीं। फिर भी मरीज को यह नहीं दी गई।
राधा देवी की मृत्यु के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल के स्टोर रूम की जांच की, जहां उन्हें पांच डोज एंटी-स्नेक वेनम वैक्सीन मिलीं। यह खुलासा और भी चौंकाने वाला था। क्योंकि ड्यूटी पर तैनात नर्स ने शुरू में वैक्सीन की उपलब्धता की बात स्वीकारी थी। लेकिन बाद में चिकित्सा प्रभारी के फोन कॉल के बाद उसने भी वैक्सीन की अनुपलब्धता की बात दोहराई।
इस घटना ने स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य केंद्र के प्रबंधन और चिकित्सा प्रभारी की कार्यशैली के प्रति गहरा असंतोष पैदा किया। ग्रामीणों ने इसे घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया करार दिया।
घटना की सूचना मिलते ही इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र से राजद विधायक राकेश कुमार रौशन तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली।
विधायक ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि डॉ. सत्यम प्रकाश प्रतिदिन सुबह 9 बजे हटिया ट्रेन से इस्लामपुर आते हैं और शाम को मगध ट्रेन से पटना लौट जाते हैं। उन्होंने इस बात पर गहरा रोष जताया कि वैक्सीन की उपलब्धता के बावजूद मरीज को समय पर इलाज नहीं मिला।
विधायक ने इस मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और कहा कि यह अत्यंत दुखद और अस्वीकार्य है कि एक मरीज की जान केवल लापरवाही के कारण चली गई। स्वास्थ्य सेवाओं में ऐसी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना के बाद इस्लामपुर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और राधा देवी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और चिकित्सा प्रभारी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है।
बहरहाल, यह घटना इस्लामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े करती है। अगर वैक्सीन उपलब्ध थी तो उसे मरीज को क्यों नहीं दिया गया? चिकित्सा प्रभारी की अनुपस्थिति और गलत सूचना देने का क्या कारण था? क्या अस्पताल में पर्याप्त प्रशिक्षित कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध हैं? ये ऐसे सवाल हैं, जिसके न केवल स्थानीय समुदाय, बल्कि स्वास्थ्य प्रशासन को भी जवाब देने होंगे।





