
चंडी (नालंदा दर्पण)। थरथरी प्रखंड के अमेरा पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्रों को भेजे गए राशन की गुणवत्ता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत के सभी 15 आंगनबाड़ी केंद्रों ने चंडी एसएफसी गोदाम से भेजे गए चावल को कीड़े और सड़े दानों के कारण वापस लौटा दिया।
सेविकाओं का आरोप है कि भेजा गया चावल पूरी तरह से लूज, सड़ा और कीड़ों से भरा था, जो किसी भी रूप में लाभुकों को देने योग्य नहीं था। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों को ऐसा चावल देना उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकता था और इससे आंगनबाड़ी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते।
सेविकाओं ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पहले भी कई बार खराब गुणवत्ता वाला चावल आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजा जाता रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। इस बार स्थिति इतनी खराब थी कि लाभुक भी इसे लेने से मना कर देते। सेविकाओं के विरोध के बाद सारे केंद्रों ने एकजुट होकर चावल वापस चंडी एसएफसी गोदाम भेज दिया।
इधर जिला प्रबंधक ने चंडी एसएफसी गोदाम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में गोदाम में रखा अधिकांश चावल ठीक पाया गया, जबकि केवल जमीन पर गिरा कुछ हिस्सा खराब स्थिति में मिला। इसके बावजूद सवाल यह है कि जब गोदाम में चावल ठीक था, तो लाभुकों को भेजे गए चावल में कमी कैसे आई?
थरथरी बीडीओ गौरी कुमारी ने भी मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि भेजा गया चावल गुणवत्तापूर्ण नहीं था, इसलिए सेविकाओं ने उसे वापस लौटा दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी और खराब चावल किसी लाभुक को नहीं दिया जाएगा।
बहरहाल अमेरी पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्रों को लगातार खराब चावल भेजे जाने की शिकायतों के बाद यह मामला बड़ा रूप ले चुका है। अब देखना है कि जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।





