हथकटवा कांड का मुख्य आरोपित विकास यादव गिरफ्तार

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के कुख्यात टॉप 10 अपराधियों की सूची में शामिल हथकटवा कांड के मुख्य आरोपित विकास यादव को आखिरकार पुलिस ने धर दबोचा। लंबे समय से फरार चल रहे इस अपराधी की गिरफ्तारी सरमेरा थाना पुलिस और एसटीएफ के संयुक्त अभियान से संभव हो सकी। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

सरमेरा थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर साकेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त विकास यादव, चेरों गांव निवासी अवधेश यादव का पुत्र है। विकास पर 17 जून 2023 को चेरों गांव के रामप्रवेश यादव के दोनों हाथ की कलाई काटने और कटे हुए पंजे को अपने साथ लेकर भागने का गंभीर आरोप है।

प्राथमिकी के अनुसार 17 जून 2023 की देर शाम को घात लगाए बदमाशों ने रामप्रवेश यादव पर हमला किया था। हमलावरों ने उनके दोनों हाथ की कलाई काट दी और कटे हुए पंजे को अपने साथ ले गए। इस जघन्य घटना के बाद पीड़ित के पुत्र पिंटू कुमार के बयान पर सरमेरा थाना में मामला दर्ज किया गया था।

इसके अलावा उसने पीड़ित के पुत्र पिंटू कुमार पर जान मारने की नीयत से गोली चलाई थी। इस मामले में सरमेरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में विकास यादव, उसके भाई राजेश यादव और पिता अवधेश यादव को नामजद आरोपित किया गया था।

मामला दर्ज होने के बाद से विकास यादव फरार था। उसकी फरारी के चलते न्यायालय के आदेश पर उसके घर पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए गहन निगरानी रखी और अंततः सूचना मिली कि विकास अपने ससुराल, पटना जिले के घोसवरी थाना क्षेत्र के गोसाई गांव में छिपा हुआ है।

सूचना के आधार पर सरमेरा थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर साकेंद्र कुमार के नेतृत्व में घोसवरी थाना पुलिस और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने विकास के ससुर सुरेंद्र यादव के घर पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में विकास यादव को गिरफ्तार कर लिया गया और उसे सरमेरा थाना लाया गया।

थानाध्यक्ष ने बताया कि इस कांड के अन्य दो आरोपित विकास के भाई राजेश यादव और पिता अवधेश यादव पहले ही पुलिस दबिश के कारण न्यायालय में आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

विकास यादव का आपराधिक इतिहास पुराना रहा है। सरमेरा थाना में उसके खिलाफ वर्ष 2023, 2024 और 2025 में आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि वह लंबे समय से नालंदा जिले के टॉप 10 अपराधियों की सूची में शामिल था।

इसके अलावा पुलिस ने दो अन्य फरार वारंटियों को भी गिरफ्तार किया है। स्थानीय गौसनगर निवासी राजेंद्र केवट का पुत्र नरेश केवट (कुर्की वारंटी) और सरमेरा गांव निवासी रामबालक राम का पुत्र अनीश कुमार (इश्तहार वारंटी) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

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