

नालंदा दर्पण डेस्क। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा (Waiting ticket problem) के लिए एक बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। चालू वित्त वर्ष में रेलवे प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख अतिरिक्त सीटें और बर्थ उपलब्ध कराने पर काम कर रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों में वेटिंग टिकट की समस्या को पूरी तरह समाप्त करना है, जिससे यात्रियों को आरामदायक और सुनिश्चित यात्रा का अनुभव मिल सके।
रेलवे बोर्ड प्रवक्ता के अनुसार अगले दो वित्त वर्षों (2025-27) के दौरान अमृत भारत श्रृंखला की 100 नई ट्रेनें परिचालन में लाई जाएंगी। इनमें से करीब 50 ट्रेनें मार्च 2026 तक रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगी।
इन ट्रेनों के शामिल होने से सालाना लगभग 13 करोड़ अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी। अगले दो वर्षों में हर महीने एक करोड़ से अधिक अतिरिक्त सीटें सिस्टम में शामिल होंगी, जिससे वेटिंग टिकट की संख्या में भारी कमी आएगी।
अमृत भारत ट्रेनें आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी, जिनमें आरामदायक सीटें, बेहतर वेंटिलेशन और यात्री-अनुकूल डिज़ाइन शामिल हैं। ये ट्रेनें न केवल यात्रियों की संख्या को संभालने में मदद करेंगी, बल्कि लंबी दूरी की यात्रा को और सुखद बनाएंगी।
वेटिंग टिकट की समस्या को खत्म करने के लिए रेलवे न केवल नई ट्रेनें जोड़ रहा है, बल्कि रेल नेटवर्क की आधारभूत संरचना को भी मजबूत कर रहा है। रेलवे बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि ट्रैक क्षमता बढ़ाने के लिए तीसरी और चौथी लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है।
वर्तमान में पटरियों की मरम्मत के दौरान ट्रेनों को 3 से 5 घंटे तक रोका जाता है, जिससे यात्री असुविधा का सामना करते हैं। तीसरी लाइन बिछाए जाने से मरम्मत कार्य के दौरान ट्रेनों का परिचालन सुचारु रूप से जारी रखा जा सकेगा।
इसके अलावा, रेलवे भीड़भाड़ वाले गंतव्यों और प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के पैटर्न का विश्लेषण कर रहा है। इससे रेलवे को उन मार्गों पर अतिरिक्त ट्रेनें चलाने में मदद मिलेगी, जहां मांग सबसे अधिक है।
रेलवे की इस पहल से न केवल वेटिंग टिकट की समस्या कम होगी, बल्कि यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी। खासतौर पर त्योहारी सीजन और गर्मियों की छुट्टियों के दौरान जब ट्रेनों में भारी भीड़ होती है, यह कदम यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा।
रेलवे बोर्ड ने यह भी बताया कि नई ट्रेनों के साथ-साथ मौजूदा ट्रेनों में भी अतिरिक्त कोच जोड़े जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को जगह मिल सके। इसके लिए रेलवे ने आधुनिक तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का सहारा लिया है, ताकि यात्रियों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
रेलवे ने अगले दो वर्षों में अपनी सेवाओं को और बेहतर करने की योजना बनाई है। इसमें न केवल नई ट्रेनें और सीटें जोड़ना शामिल है, बल्कि स्टेशनों पर सुविधाओं को भी बढ़ाया जाएगा। रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई, बेहतर वेटिंग रूम और खानपान की सुविधाओं को और आधुनिक किया जाएगा। साथ ही टिकट बुकिंग प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म को और मजबूत किया जा रहा है।










