Home इस्लामपुर कार्यपालक पदाधिकारी की मनमानी पर भड़के वार्ड पार्षदों का धरना-प्रदर्शन

कार्यपालक पदाधिकारी की मनमानी पर भड़के वार्ड पार्षदों का धरना-प्रदर्शन

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर नगर परिषद कार्यालय में उस अजीबोगरी स्थिति उत्पन्न हो गई, जब कार्यपालक पदाधिकारी पूजा माला की कथित मनमानी के विरोध में वार्ड पार्षदों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया। मामला इतना बढ़ा कि पार्षदों को नगर परिषद परिसर में ही प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठना पड़ा। करीब चार घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप से स्थिति शांत हुई।Ward councilors staged a protest against the arbitrary actions of the executive officer 3

वार्ड पार्षदों का आरोप है कि पिछले चार महीनों से लगातार मांग के बावजूद बोर्ड की बैठक नहीं बुलाई जा रही थी। आखिरकार 22 दिसंबर को नगर परिषद सभागार में बोर्ड की बैठक आहूत की गई, लेकिन बैठक शुरू होते ही माहौल गरमा गया। पार्षदों ने सवाल उठाया कि बोर्ड की स्वीकृति के बिना कई विकास कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है, वहीं जिन योजनाओं को बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है, उन्हें जानबूझकर दरकिनार किया जा रहा है।

इस मुद्दे पर बहस के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी पूजा माला कथित तौर पर नाराज हो गईं और किसी भी प्रकार का हिसाब देने से इंकार करते हुए बैठक को अचानक स्थगित कर दिया। इससे आक्रोशित होकर 26 में से 20 वार्ड पार्षद नगर परिषद परिसर में ही नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।

धरने पर बैठे वार्ड पार्षदों गुडू कुमार, फिरोज आलम, शान्तनु कुमार, शिव शंकर कुमार सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि इस्लामपुर नगर परिषद में आम जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है, जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। पार्षदों ने इसे सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए अनुमंडल पदाधिकारी से मामले की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

इस्लामपुर नगरपरिषद कार्यपालक पूजा माला और मुख्य पार्षद किरण देवी

धरना प्रदर्शन के दौरान नगर परिषद परिसर में राजनीतिक माहौल गर्म रहा। करीब चार घंटे बाद स्थानीय विधायक रुहेल रंजन मौके पर पहुंचे और पार्षदों को निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। विधायक के भरोसे के बाद पार्षदों ने धरना समाप्त किया।

हालांकि, इस पूरे मामले पर कार्यपालक पदाधिकारी पूजा माला ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं और बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार ही विकास कार्य किए जा रहे हैं।

धरना-प्रदर्शन के दौरान वार्ड पार्षद स्वाती देवी, आरती देवी, चिंता देवी, रीता देवी, टिंकू कुमार, प्रतिभा सिंहा समेत कई अन्य पार्षद और समर्थक मौजूद रहे। घटना के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version