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 PMAY में उगाही को लेकर जब चंडी पहुंचे हिलसा SDO, जानें क्या हुआ?

When Hilsa SDO reached Chandi regarding extortion in PMAY, know what happened?
When Hilsa SDO reached Chandi regarding extortion in PMAY, know what happened?

हिलसा (नालंदा दर्पण)। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत लाभुकों से अवैध वसूली की शिकायतों ने हिलसा अनुमंडल में हड़कंप मचा दिया है। इन शिकायतों की जांच के लिए हिलसा अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) प्रवीण कुमार चंडी प्रखंड के हसनी पंचायत के गदनपुरा और खरजमा गांव पहुंचे। जांच के दौरान आवास सहायक कल्पना कुमारी पर लाभुकों से नाजायज राशि लेने के गंभीर आरोप सामने आए। इस दौरान लाभुकों और आवास सहायक के बीच तीखी नोकझोंक और विवाद की स्थिति भी देखी गई।

खरजमा गांव की निवासी प्रभा देवी ने जांच अधिकारी के समक्ष सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आवास सहायक कल्पना कुमारी और एक अन्य व्यक्ति सोनू कुमार ने उनसे योजना के तहत अवैध रूप से पैसे की उगाही की। प्रभा देवी के अनुसार शुरुआत में सोनू और कल्पना ने उनसे 2000 रुपये लिए और सख्त हिदायत दी कि इस बारे में किसी को न बताएं।

प्रभा देवी ने आगे बताया कि जब पहली किस्त की राशि आई तो कल्पना और सोनू ने मुझे चंडी बाजार के एक साइबर कैफे में ले जाकर अंगूठा लगवाया और मेरे खाते से 10,000 रुपये निकाल लिए। जब मैंने बैंक में बैलेंस चेक किया तो पता चला कि मेरे खाते से पैसे गायब हैं। सोनू ने मुझे कहा कि मैडम (कल्पना) से बात कर लीजिए। दूसरी किस्त के लिए मैडम ने 5000 रुपये मांगे, जो मैंने उनके मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन भेज दिए। अब तीसरी किस्त के लिए 10000 रुपये की मांग की जा रही है।

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया। कुछ लाभुकों को पहले से पक्का मकान होने के बावजूद पीएम आवास योजना का लाभ दिया गया, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इस मामले ने योजना के कार्यान्वयन में गंभीर खामियों की ओर इशारा किया है।

जांच में एक नाम बार-बार सामने आया- सोनू। पंचायत में सोनू का नाम चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन उसकी वास्तविक पहचान और हैसियत के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। यह भी पता नहीं कि वह किस पद पर कार्यरत है या योजना में उसकी क्या भूमिका है। फिर भी उसका नाम प्रखंड में लगातार सुर्खियों में रहता है।

वहीं महकार पंचायत समिति के सदस्य अनिल कुमार ने 15वें और षष्टम वित्त आयोग की योजनाओं में अनियमितता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई महीनों से काम पूरा होने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया है। अनिल कुमार ने यह भी दावा किया कि इन योजनाओं के नाम पर खुलेआम लूट मची हुई है।

इस पर चंडी प्रखंड के बीडीओ राजदेव कुमार रजक ने कहा कि लाभुकों की शिकायतों के आधार पर आवेदन की जांच की गई है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने आगे की कार्रवाई के बारे में कोई स्पष्ट समय सीमा नहीं बताई।

बहरहाल, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। उसमें इस तरह की अनियमितताएं न केवल लाभुकों के विश्वास को तोड़ती हैं, बल्कि सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाती हैं। हिलसा SDO की जांच से कई गंभीर खामियां उजागर हुई हैं और अब यह देखना है कि दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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