समस्यानालंदाबिग ब्रेकिंगबिहार शरीफ

PDS डीलरों की हड़ताल से गड़बड़ाई व्यवस्था, उपभोक्ताओं में उभरी भूखमरी

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में जनवितरण प्रणाली (PDS) पूरी तरह से चरमराती नजर आ रही है। क्योंकि जिले भर के डीलरों ने एक फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इससे आम जनता को अपने राशन के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।

स्थिति यह है कि गरीब और जरूरतमंद लोग जनवितरण प्रणाली की दुकानों से खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। जिले की 1525 जनवितरण दुकानों पर अनाज का उठाव और वितरण पूरी तरह से ठप हो गया है। जिससे 2 लाख 38 हजार 86 राशन कार्डधारी उपभोक्ताओं के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

बता दें कि बिहार प्रदेश प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर डीलरों ने 8 सूत्री मांगों को लेकर यह हड़ताल शुरू की है। उनका कहना है कि सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है। कुछ माह पहले राज्यभर के डीलरों ने पटना में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि मांगें जायज हैं और मुख्यमंत्री से इस पर चर्चा की जाएगी। लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे नाराज डीलरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपना लिया।

हड़ताल का सबसे ज्यादा असर उन गरीब परिवारों पर पड़ रहा है, जो सरकारी राशन पर निर्भर हैं। जिले के कई हिस्सों में उपभोक्ता जनवितरण प्रणाली की दुकानों पर जाते हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।

स्थानीय निवासी रामेश्वर प्रसाद ने बताया, ‘हम रोज राशन की दुकान के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार यही जवाब मिलता है कि डीलर हड़ताल पर हैं। घर में अनाज खत्म हो चुका है, अब क्या करें?’

इसी तरह विधवा सुमित्रा देवी ने कहा, ‘हम गरीब लोगों के लिए यह सरकारी अनाज ही एकमात्र सहारा है। अगर यह भी नहीं मिलेगा, तो हम क्या खाएंगे?’

जनवितरण प्रणाली बाधित होने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक योजना लागू नहीं की गई है। जब जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में सवाल किया गया तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।

डीलरों का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती है तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। अब देखना है कि सरकार कब तक इस समस्या का समाधान निकालती है या फिर उपभोक्ताओं को इसी संकट का सामना करना पड़ेगा।

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!
The unsolved mysteries of the ancient Nalanda University राजगीर पांडु पोखर एक ऐतिहासिक पर्यटन धरोहर Rajgir Sone Bhandar is the world’s biggest treasure Artificial Intelligence is the changing face of the future