राजगीर क्रिकेट स्टेडियम का पिच पर डाली जा रही महाराष्ट्र की लाल मिट्टी

राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार के खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। राजगीर में बन रहा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। यह स्टेडियम न केवल आधुनिक तकनीक से लैस होगा, बल्कि यह राज्य में खेल के बुनियादी ढांचे को एक नई ऊंचाई भी देगा।
राजगीर खेल परिसर में निर्माणाधीन यह स्टेडियम अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। फिलहाल क्रिकेट पिच और आउटफील्ड का काम तेजी से किया जा रहा है। इसके साथ ही जनरल स्टैंड ईस्ट, जनरल स्टैंड वेस्ट और रिवर्स पवेलियन का सिविल वर्क भी अंतिम दौर में है। मेन पवेलियन का स्ट्रक्चर कार्य पूरा कर लिया गया है और अब उसमें प्लास्टर, पुट्टी, ईंट कार्य और वायरिंग जैसे फिनिशिंग कार्य किए जा रहे हैं।
बारिश से मुकाबले को तैयार स्टेडियमः बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए मैदान से जल निकासी के लिए विशेष ड्रेनेज प्रणाली विकसित की जा रही है। यह प्रणाली पानी के तेजी से बाहर निकलने में मदद करेगी, जिससे खेल गतिविधियों में कोई बाधा न आए।
पिच निर्माण में भी बारीकीः खेल के स्तर को अंतर्राष्ट्रीय बनाने के लिए पिच निर्माण में भी अत्यधिक सावधानी बरती जा रही है। छह पिचों के लिए महाराष्ट्र से विशेष लाल मिट्टी मंगवाई गई है, जबकि अन्य सात पिचों के लिए मोकामा से काली मिट्टी लाई गई है। पिचों पर घास लगाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
40,000 दर्शकों के बैठने की होगी व्यवस्थाः 72843 वर्गमीटर क्षेत्रफल में फैले इस स्टेडियम में करीब 40,000 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। यह स्टेडियम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें खिलाड़ियों के लिए विशेष पवेलियन, कोच और मैनेजर के लिए अलग बैठक व्यवस्था और वीवीआईपी अतिथियों के लिए विशेष स्टैंड शामिल हैं।
नियमित निरीक्षण और सख्त निर्देशः बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा की जा रही है और कार्य में किसी भी प्रकार की देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं हो और समय सीमा का कड़ाई से पालन हो।
खिलाड़ियों के लिए बनेगा प्रशिक्षण का केंद्रः राजगीर का यह स्टेडियम भविष्य में सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह बिहार के स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और खेल सुविधाएं प्रदान करने का केंद्र भी बनेगा। यह बिहार में क्रिकेट के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।





