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Nalanda DEO और DPO का वेतन निकासी विवाद गरमाया, DM  ने मांगी रिपोर्ट

इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर शिक्षकों को अपने बकाया वेतन के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है...

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा (Nalanda) जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला इन दिनों चर्चा में है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) राजकुमार और स्थापना डीपीओ (DPO) आनंद शंकर पर हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए वेतन की निकासी का आरोप लगा है। इस विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है और जिलाधिकारी (DM) के स्तर से भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

यह मामला तब सामने आया, जब परवलपुर प्रखंड के अलीपुर गांव की शिक्षिका मीरा कुमारी ने अपने बकाया वेतन भुगतान के लिए पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने 20 सितंबर 2024 को स्पष्ट निर्देश दिया था कि शिक्षिका के बकाया वेतन का भुगतान तत्काल किया जाए और साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी और स्थापना डीपीओ के वेतन निकासी पर रोक लगा दी थी। आरोप है कि कोर्ट के इस आदेश की अनदेखी करते हुए दोनों अधिकारियों ने अपने वेतन की निकासी जारी रखी, जो सीधे-सीधे न्यायिक आदेश की अवमानना मानी जा रही है।

पूरा मामला अब जिलाधिकारी के संज्ञान में आ चुका है। डीएम ने डीईओ से इस मामले में स्पष्टीकरण देने और लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। सूत्रों के अनुसार यदि अधिकारियों द्वारा कोर्ट के आदेश की अनदेखी की पुष्टि होती है तो विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। वहीं डीईओ अनिल कुमार ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर ली गई है और पूरा प्रतिवेदन जिला गोपनीय शाखा को सौंपा जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर शिक्षकों को अपने बकाया वेतन के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी खुद के वेतन को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह स्थिति सरकार के न्याय के साथ विकास की नीति पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता और पारदर्शिता से कार्रवाई करता है। क्या दोषी अधिकारियों पर सख्त कदम उठाया जाएगा या मामला फिर किसी फाइल में दब जाएगा, यह आने वाला समय ही बताएगा।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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