पत्नी की पीट-पीटकर हत्या के बाद मानसिक रोगी ने की आत्महत्या
हत्या के बाद छट्ठू ने खुद को घर के एक कमरे में बंद कर लिया। कुछ घंटों बाद जब दरवाजा तोड़ा गया, तो उसकी भी लाश मिली। हालांकि, उसकी मौत कैसे हुई, यह अब भी जांच का विषय बना हुआ है...
हिलसा (नालंदा दर्पण)। हिलसा थाना क्षेत्र के मदारचक गांव में अहले सुबह एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। एक मानसिक रोगी ने पहले अपनी पत्नी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी और फिर खुद को कमरे में बंद कर आत्महत्या कर ली। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
मृतक की पहचान छट्ठू रविदास के रूप में हुई है, जो लंबे समय से मानसिक बीमारी से पीड़ित था। स्थानीय लोगों के अनुसार, छट्ठू का व्यवहार पिछले कुछ दिनों से बेहद असामान्य हो गया था। शनिवार सुबह अचानक उसने अपनी पत्नी पर लकड़ी के डंडे से हमला कर दिया। महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हत्या के बाद छट्ठू ने खुद को घर के एक कमरे में बंद कर लिया। कुछ घंटों बाद जब दरवाजा तोड़ा गया, तो उसकी भी लाश मिली। हालांकि, उसकी मौत कैसे हुई, यह अब भी जांच का विषय बना हुआ है। पुलिस ने कमरे से कुछ घरेलू सामान और हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद किया है।
परिजनों के अनुसार, छट्ठू को कुछ साल पहले ब्रेन हेमरेज हुआ था। उसके बाद से ही वह मानसिक रूप से असंतुलित रहने लगा था। उसका इलाज रांची स्थित मानसिक चिकित्सालय से कराया गया था। इलाज के बाद वह सामान्य हो गया था, लेकिन बीते कुछ हफ्तों से फिर से मानसिक तनाव में रहने लगा था।
गांव वालों का कहना है कि उन्होंने छट्ठू के व्यवहार में बदलाव देखा था, लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा क्रूर कदम उठा सकता है। घटना के बाद से पूरे गांव में भय और दुःख का माहौल है। लोग एक-दूसरे से यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या इस त्रासदी को टाला जा सकता था?
घटना की सूचना मिलते ही हिलसा डीएसपी राजेश रंजन मौके पर पहुंचे और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। डीएसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला मानसिक बीमारी से जुड़ा प्रतीत होता है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है, ताकि स्पष्ट हो सके कि छट्ठू की मौत आत्महत्या थी या कोई और कारण।





