बकरीद ड्यूटी से गायब सात प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों पर गिरी गाज
बकरीद जैसे संवेदनशील पर्व पर जिले की निगरानी में इस तरह की लापरवाही से एक ओर जहां प्रशासन की छवि धूमिल होती है, वहीं डीएम-एसपी की सख्ती से आम नागरिकों में यह विश्वास भी जागा है कि सुरक्षा के नाम पर किसी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी...
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बकरीद जैसे संवेदनशील पर्व पर नालंदा जिला प्रशासन द्वारा की गई सुरक्षा तैयारियों की पोल उस वक्त खुल गई, जब जिले के वरीय पदाधिकारी खुद शहर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने निकले। जिला मजिस्ट्रेट कुन्दन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के संयुक्त निरीक्षण दल को सात प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी ड्यूटी स्थल से अनुपस्थित मिले। इतना ही नहीं, जिला नियंत्रण कक्ष के प्रभारी पन्ना लाल भी नदारद पाए गए।
डीएम ने अनुपस्थित अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है। साथ ही, सभी को 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट कुन्दन कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय और अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिन अधिकारियों की ड्यूटी से अनुपस्थिति सामने आई, उनके नाम और तैनाती स्थल इस प्रकार हैं:
अभय कुमार- सहायक तकनीकी प्रबंधक, आत्मा हरनौत (खासगंज मुहल्ला मंदिर क्षेत्र)।
प्रियांशु कुमार- सहायक योजना पदाधिकारी (महलपर तिराहा)।
पवन कुमार- पंचायत तकनीकी सहायक, अस्थावां (सालूगंज मोड़)।
खगेश रंजन- सहायक योजना पदाधिकारी (कांटा कब्रिस्तान के पास)।
प्रताप कुमार निराला- राजस्व कर्मचारी, कैला (बाबा मणिराम अखाड़ा, तिनमुहानी)।
मनीष कुमार- राजस्व कर्मचारी, दरूआरा (सोगरा कॉलेज मोड़)।
दामोदर राम- प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, सरमेरा (नेहला मस्जिद के पास)।
इसके अतिरिक्त पन्ना लाल (निदेशक, एनईपी नालंदा), जो जिला नियंत्रण कक्ष के प्रभारी थे, वे भी निरीक्षण के समय अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे।
बता दें कि बकरीद के अवसर पर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी। डीएम और एसपी ने हरदेव भवन स्थित जिला नियंत्रण कक्ष और लहेरी थाना नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया। इसके साथ ही बिहार थाना, गगनदीवान, सोगरा कॉलेज मोड़, पुलपर, मोगलकुआं, सोहसराय, कटरा पर और खासगंज जैसे अति संवेदनशील क्षेत्रों का भी दौरा किया गया।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) में स्थापित हाई-रिज़ोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की लाइव फुटेज देखकर स्वयं डीएम ने शहर की निगरानी की। उन्होंने निगरानीकर्मी को अलर्ट मोड पर रहने और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्रीय दंडाधिकारियों और गश्ती दलों से लगातार संपर्क में रहें। प्रत्येक घंटे पर अधिकारियों की उपस्थिति की जानकारी जिला गोपनीय शाखा को देने की व्यवस्था लागू की गई है।





