कतरीसराय (नालंदा दर्पण)। साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कतरीसराय थाना पुलिस ने कतरडीह गांव में छापेमारी कर पांच साइबर ठगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नालंदा के आरक्षी अधीक्षक के विशेष निर्देश पर की गई। ठग अल खैर इस्लामिक फाइनेंस के नाम पर सस्ते दर पर लोन देने का झांसा देकर आम जनता को शिकार बना रहे थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग अल खैर इस्लामिक फाइनेंस के नाम पर फर्जी लोन स्कीम चलाकर भोले-भाले लोगों से ठगी कर रहे हैं। इस इनपुट के बाद कतरीसराय थाना अध्यक्ष सत्यम तिवारी ने वरिष्ठ पदाधिकारियों राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह एवं गिरीयक इंस्पेक्टर मनीष भारद्वाज के साथ रणनीति बनाते हुए एक विशेष टीम गठित की।
टीम में एसआई आदित्य कुमार, एएसआई मनिष कुमार, एएसआई रूदल पासवान, पीटीसी लालू कुमार समेत दर्जनों पुलिस जवान शामिल थे। खुद थानाध्यक्ष सत्यम तिवारी इस छापेमारी अभियान का नेतृत्व कर रहे थे।
कतरडीह गांव में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी करते हुए पुलिस ने पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 11 एंड्रायड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अभिषेक सिंह उर्फ दिलीप कुमार (20) पिता उचित सिंह, रवि उर्फ अंकित राज (25) पिता उमेश सिंह, अमरेश कुमार (27) पिता सुचित सिंह, प्रभात कुमार उर्फ प्रभात सिंह (34) पिता श्रवण सिंह, विक्रम कुमार (23) पिता रंजीत पासवान के रुप में हुई है। सभी अभियुक्त कतरडीह गांव, थाना कतरीसराय, जिला नालंदा के निवासी हैं।
बरामद मोबाइल फोन की जांच करने पर पाया गया कि सभी डिवाइस साइबर ठगी में प्रयुक्त हो रहे थे। इन मोबाइल नंबरों पर देश के विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध के कई मामले दर्ज हैं। विशेष बात यह भी सामने आई कि रवि उर्फ अंकित और अभिषेक सिंह पहले भी साइबर ठगी के मामलों में जेल जा चुके हैं। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने दोबारा इसी अपराध में सक्रियता दिखानी शुरू कर दी।









