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Bihar: विश्वविद्यालयों में शुरू होंगे 7 नए पाठ्यक्रम, हर माह 15-17 हजार रुपये

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण) बिहार (Bihar) के विश्वविद्यालयों में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। सात नए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जा रही है, जो छात्रों को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रदान करेंगे। इन पाठ्यक्रमों में बैंकिंग, ई-कॉमर्स, क्रिएटिव राइटिंग, हेल्थकेयर और डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

ये पाठ्यक्रम चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के तहत च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के आधार पर संचालित होंगे। जिसमें आठ सेमेस्टर होंगे। प्रत्येक सेमेस्टर के लिए 20 अंकों का क्रेडिट निर्धारित किया गया है। जिसके तहत कुल 160 अंकों का क्रेडिट प्राप्त होगा।

नए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का प्रारूप विस्तार से तैयार किया जा चुका है। शिक्षा विभाग द्वारा जल्द ही राजभवन से मंजूरी प्राप्त होने के बाद इसे सभी विश्वविद्यालयों को लागू करने के लिए भेजा जाएगा।

प्रारंभ में इन पाठ्यक्रमों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुने हुए कॉलेजों में शुरू किया जाएगा। छात्रों की रुचि और मांग के आधार पर अन्य कॉलेजों में भी इनकी शुरुआत की जाएगी।

सात नए पाठ्यक्रमों में चार वाणिज्य (कॉमर्स) से संबंधित हैं, जबकि एक-एक कला (आर्ट्स) और विज्ञान (साइंस) से जुड़ा है। इसके अतिरिक्त, एक पाठ्यक्रम डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स पर केंद्रित है।

इन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए प्रारंभ में अलग से शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर अतिथि शिक्षकों की सेवाएं ली जा सकेंगी। स्नातक स्तर पर संबंधित विषयों के सहायक प्रोफेसर इन पाठ्यक्रमों की कक्षाएं संचालित करेंगे।

नए पाठ्यक्रमों की सूची में बैचलर ऑफ कॉमर्स विद मेजर इन बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस, बैचलर ऑफ कॉमर्स विद मेजर इन रिटेल ऑपरेशंस, बैचलर ऑफ कॉमर्स विद मेजर इन ई-कॉमर्स ऑपरेशंस, बैचलर ऑफ कॉमर्स विद मेजर इन एचआर ऑपरेशंस, बैचलर ऑफ साइंस विद मेजर इन हेल्थकेयर मैनेजमेंट, बैचलर ऑफ आर्ट्स विद मेजर इन कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग और बीएससी (ऑनर्स) इलेक्ट्रॉनिक्स विद मेजर इन डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं।

ये पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति 2020 और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की गाइडलाइंस के अनुरूप तैयार किए गए हैं। इनकी डिग्री संबंधित विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान की जाएगी, जो देश और विदेश में मान्य होगी।

इन पाठ्यक्रमों में नामांकित छात्रों को बोर्ड ऑफ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (बीओपीटी) पूर्वी क्षेत्र कोलकाता के सहयोग से विभिन्न औद्योगिक कंपनियों और संस्थानों में इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा। यह इंटर्नशिप रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार इन पाठ्यक्रमों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि स्नातक डिग्री के साथ-साथ व्यावसायिक डिग्री भी पूरी हो जाएगी। तीन वर्ष की पढ़ाई के बाद चौथे वर्ष में छात्रों को इंटर्नशिप प्रदान होगी। जिसमें उन्हें प्रति माह 15,000 से 17,000 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा।

यह इंटर्नशिप व्यावहारिक प्रशिक्षण बोर्ड के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को बाजार की मांग के अनुरूप कौशल प्रदान करना है। ताकि स्नातक होने के बाद उन्हें अलग से व्यावसायिक कोर्स करने की आवश्यकता न पड़े।

वर्तमान में विश्वविद्यालयों में संचालित कई पुराने व्यावसायिक पाठ्यक्रम बाजार की मांग के अनुरूप नहीं होने के कारण छात्रों में उनकी रुचि कम हो गई है। इस कमी को दूर करने के लिए इन नए पाठ्यक्रमों को शुरू किया जा रहा है, जो आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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