कीचड़-पानी में यूं गिरते-पड़ते स्कूल आते-जाते हैं नौनिहाल

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के रहुई प्रखंड स्थित प्राइमरी स्कूल एकबालगंज में बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल भवन तो बना दिया गया, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए उचित रास्ते का अभाव गंभीर समस्या बन गया है।
करीब 100 बच्चों का नामांकन होने के बावजूद स्कूल चारों ओर से पानी, कीचड़ और झाड़ियों से घिरा हुआ है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जब नदी का पानी भी स्कूल तक पहुंच जाता है। बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए कीचड़ भरे रास्तों और झाड़ियों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जहां वे अक्सर गिरते-फिसलते हैं।
कहते हैं कि इस समस्या से निपटने के लिए उन्होंने मुखिया, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और जिला मजिस्ट्रेट तक से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
अगर पक्का रास्ता संभव न हो तो कम से कम एक पगडंडी बनाई जाए, जिससे बच्चों और शिक्षकों की परेशानी कम हो सके। पानी और कीचड़ के कारण बच्चों के साथ कोई अनहोनी न हो जाए, इस डर के साथ हर दिन स्कूल का संचालन हो रहा है।
इस तस्वीर को देखकर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है, जहां बच्चे कीचड़ और झाड़ियों के बीच से स्कूल की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि स्कूल भवन पीछे धुंधलेपन में दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहरी नालों का गंदा पानी भी इस क्षेत्र में जमा हो जाता है, जो स्थिति को और खराब करता है।
शिक्षा के अधिकार की बात तो दूर यहां बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक इन मासूमों को इस तरह की परेशानी झेलनी पड़ेगी? शिक्षा विभाग और प्रशासन से उम्मीद है कि वे जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करेंगे।










