
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। मगही भाषा के सिनेमाई इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मगही भाषा में बनाई जा रही पहली फीचर फिल्म ‘मगध पुत्र’ की शूटिंग नालंदा जिले के गिरियक प्रखंड स्थित घोसरामा गांव में शुरू हो चुकी है। इस ऐतिहासिक पल का शुभारंभ अभिनेता गुंजन सिंह ने मां आशापुरी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ किया, जिसने इस फिल्म की शूटिंग को औपचारिक रूप से शुरू किया।
‘मगध पुत्र’ मगही भाषा की पहली पूर्णकालिक फीचर फिल्म है, जो न केवल मगध क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दर्शाएगी, बल्कि मगही भाषा को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान भी दिलाएगी। फिल्म में दर्शकों को सस्पेंस, थ्रिलर और एक्शन का एक अनूठा मिश्रण देखने को मिलेगा, जो मगध की मिट्टी से जुड़ा हुआ है।
निर्देशक अरविंद चौबे ने बताया कि फिल्म की शूटिंग नालंदा और नवादा के खूबसूरत स्थानों पर होगी, ताकि मगध की प्राकृतिक और सांस्कृतिक झलक को विश्व भर के दर्शकों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि यह फिल्म मगध की आत्मा को जीवंत करे। यह केवल एक कहानी नहीं, बल्कि हमारी भाषा, संस्कृति और परंपराओं का उत्सव है।
फिल्म के शुभारंभ समारोह में मगध की मिट्टी से जुड़े कई नामी चेहरे शामिल हुए। अभिनेत्री आस्था सिंह और अभिनेता अनूप अरोरा ने इस अवसर पर अपनी उपस्थिति से समारोह को और खास बनाया। लेखक नन्हे पांडे और निर्माता दिनेश कुमार मंडल ने भी इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनकर अपनी खुशी जाहिर की।
कार्यक्रम में स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों जैसे आलोक सिंह, पूर्व प्रमुख अरविंद सिंह और दिनेश सिंह रोहितस्व ने भी शिरकत की। आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग इस समारोह में शामिल हुए, जिन्होंने मगही भाषा के इस सिनेमाई प्रयास को देखकर उत्साह और गर्व का अनुभव किया।
‘मगध पुत्र’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि मगध क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को सिनेमाई पर्दे पर उतारने का एक प्रयास है। फिल्म में नालंदा और नवादा के स्थानीय परिवेश, मगही भाषा की मिठास और लोक संस्कृति को विशेष रूप से दर्शाया जाएगा। यह फिल्म मगध की गौरवशाली परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगी।
निर्माता दिनेश कुमार मंडल ने कहा कि हमारा उद्देश्य मगही भाषा और संस्कृति को न केवल बिहार बल्कि पूरे विश्व में प्रचारित करना है। यह फिल्म हमारी जड़ों से जुड़ने और उन्हें गर्व के साथ प्रस्तुत करने का एक प्रयास है।
‘मगध पुत्र’ में दर्शकों को एक रोमांचक कहानी के साथ-साथ मगध की खूबसूरत वादियों और ग्रामीण जीवन की झलक देखने को मिलेगी। फिल्म का कथानक मगध की पृष्ठभूमि में रचा गया है, जो स्थानीय लोककथाओं, परंपराओं और समकालीन मुद्दों को एक साथ जोड़ता है। सस्पेंस और थ्रिलर से भरपूर यह फिल्म दर्शकों को अपनी सीट से बांधे रखने का वादा करती है।





