करायपरसुराय में 2 मासूमों का गला रेता, मां लापता, जांच में जुटी पुलिस

हिलसा (नालंदा दर्पण)। करायपरसुराय थाना क्षेत्र के बिंसा सलेमपुर गांव में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने न केवल स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इस दिल दहला देने वाले मामले में दो मासूम बच्चों 5 साल के हर्ष और 3 साल की कृष कुमार की गला रेतकर हत्या करने की कोशिश की गई।
इस जघन्य वारदात के बाद बच्चों की मां अनीता देवी रहस्यमय ढंग से लापता हो गई है। इस घटना ने ग्रामीणों और पुलिस के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं और दोनों पक्षों के विरोधाभासी दावों ने मामले को और उलझा दिया है।
घटना की जानकारी के अनुसार बिंसा सलेमपुर गांव में बीती रात को यह भयावह वारदात हुई। दोनों मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले। उनके गले पर धारदार हथियार से वार किया गया था। स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पटना के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया। दोनों बच्चे अभी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
इस बीच बच्चों की मां अनीता देवी के लापता होने ने इस मामले को और रहस्यमय बना दिया है। ग्रामीणों का एक बड़ा समूह अनीता पर ही इस वारदात को अंजाम देने का आरोप लगा रहा है। उनका दावा है कि अनीता ने अपने बच्चों की हत्या की कोशिश की और फिर गांव छोड़कर फरार हो गई।
दूसरी ओर अनीता के मायके पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उल्टा आरोप लगाया है कि अनीता के पति ने उसकी हत्या कर शव को गायब कर दिया और बच्चों को भी मारने की कोशिश की।
बच्चों की नानी रेणु देवी का कहना है कि उनकी बेटी अनीता और उसके पति के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। अनीता के पति का एक रिश्तेदार महिला के साथ अवैध संबंध था। इस कारण दोनों के बीच अक्सर तनाव रहता था।
उनका कहना है कि इस विवाद ने इतना भयावह रूप ले लिया कि अनीता के पति ने पहले उसकी हत्या की और फिर शव को ठिकाने लगाकर बच्चों को भी निशाना बनाया। जब वे घटना की सूचना मिलने पर गांव पहुंचीं तो ग्रामीणों ने उन्हें वहां से भगा दिया और उनकी बेटी पर ही सारा दोष मढ़ दिया।
वहीं गांव के लोगों का कहना है कि अनीता का व्यवहार पिछले कुछ समय से संदिग्ध था। अनीता अपने बच्चों के प्रति उदासीन थी और घरेलू कलह के कारण उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। अनीता ने ही अपने बच्चों पर हमला किया और फिर फरार हो गई। हालांकि इस दावे का कोई ठोस सबूत अभी तक सामने नहीं आया है।
करायपरसुराय थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को इस मामले की जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष से लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। दोनों बच्चे पटना के अस्पताल में इलाजरत हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और जैसे ही लिखित शिकायत मिलेगी, मामले की गहराई से जांच की जाएगी।
बहरहाल यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह समाज में बढ़ते घरेलू हिंसा और मानसिक तनाव के मुद्दों को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू कलह और अवैध संबंधों जैसे मुद्दे अक्सर परिवारों में गंभीर तनाव का कारण बनते हैं, जो कभी-कभी इस तरह की त्रासदियों में बदल जाते हैं। इस मामले में बच्चों के साथ हुई क्रूरता ने एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर परिवारों में संवाद और समझ की कमी इतनी भयावह स्थिति क्यों पैदा कर रही है।
पुलिस और प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस मामले की सच्चाई को सामने लाया जाए। अनीता देवी के लापता होने और बच्चों की गंभीर हालत ने इस मामले को और जटिल बना दिया है। क्या यह एक मां की क्रूरता की कहानी है या फिर एक पति की साजिश का नतीजा? इस सवाल का जवाब जांच के बाद ही मिल पाएगा।
फिलहाल पूरा गांव और आसपास का क्षेत्र इस घटना से सदमे में है। लोग उन दो मासूम बच्चों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, जो अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।





