ठाकुरबाड़ी की खेत में भगवान श्रीकृष्ण की रहस्यमय मूर्ति मिलने से सनसनी

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के बिंद थाना क्षेत्र अंतर्गत मदनचक गांव के समीप एक खेत में भगवान श्रीकृष्ण की एक रहस्यमयी मूर्ति के मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। मूर्ति की उत्कृष्ट कलाकृति और प्राचीन शिल्पकला इसकी पुरातनता की ओर इशारा करती है, जिससे यह प्रतीत होता है कि इसे किसी ने चोरी-छुपे कहीं और से लाकर इस खेत में रख दिया है।

इस खोज ने स्थानीय लोगों के बीच उत्सुकता और चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है। मूर्ति भगवान श्रीकृष्ण को बांसुरी बजाते हुए दर्शाती है और इसकी बनावट इतनी बारीक है कि यह देखते ही स्थानीय लोग आश्चर्य में पड़ गए। मूर्ति पर जमी मिट्टी और हल्की जंग इस बात का संकेत देती है कि यह लंबे समय से कहीं सुरक्षित या दबी रही होगी। मूर्ति की ऊंचाई लगभग तीन फीट है और यह पत्थर से निर्मित प्रतीत होती है।

मूर्ति जिस जमीन पर मिली, उसे स्थानीय लोग ‘ठाकुरबाड़ी’ के नाम से पुकारते हैं। यह भूमि ऐतिहासिक या धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि वर्तमान में इस पर केवल खेती होती है।

इस खेत में पहले कभी कोई मूर्ति नहीं देखी गई थी। खेत मालिक के अनुसार यहां पहले कभी ऐसा कुछ नहीं मिला। अचानक इस मूर्ति का मिलना आश्चर्यजनक है। मूर्ति की उत्पत्ति को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ का मानना है कि इसे किसी प्राचीन स्थल से चुराकर यहां लाया गया होगा।

खेत मालिक ने बताया कि हाल ही में उनके खेत की जुताई की गई थी, लेकिन उस दौरान कोई मूर्ति नजर नहीं आई थी। हमने पिछले सप्ताह ही खेत में काम किया था। अगर वहां कोई पहले से मूर्ति होती तो हमें जरूर दिखाई देती। इस मूर्ति अचानक किसी ने एक-दो दिन पहले ही यहां रखी है। मूर्ति के अचानक प्रकट होने ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे कि इसे कौन और क्यों यहां लाया

बहरहाल मूर्ति की खोज ने कई सवालों को जन्म दिया है। क्या यह मूर्ति किसी प्राचीन मंदिर या पुरातात्विक स्थल से चुराई गई है? या फिर इसे जानबूझकर यहां छिपाया गया है? नालंदा अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। ऐसे में यहां इस तरह की खोज असामान्य नहीं है। मूर्ति के अचानक प्रकट होने ने स्थानीय लोगों में उत्साह के साथ-साथ जिज्ञासा भी पैदा की है।

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