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अब यहां 33/11 केवी का पावर सब स्टेशन की अड़चन खत्म

राजगीर (नालंदा दर्पण)। सिलाव प्रखंड के नानंद  में बहुप्रतीक्षित 33/11 केवी पावर सब स्टेशन के निर्माण की राह में आ रही अड़चनें अब समाप्त हो गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर इस परियोजना के लिए 50 डिसमिल जमीन उपलब्ध करा दी गई है, जिससे क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। इस पावर सब स्टेशन के निर्माण कार्य के जल्द शुरू होने की उम्मीद है, जो न केवल बिजली आपूर्ति को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी मांग को भी पूरा करेगा।

जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने सिलाव अंचल अधिकारी, राजगीर के भूमि सुधार उप समाहर्ता और अनुमंडल पदाधिकारी की अनुशंसा के आधार पर नानंद गांव के थाना संख्या 440 में स्थित 50 डिसमिल भूखंड को साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड को स्थायी रूप से निःशुल्क हस्तांतरित करने की स्वीकृति दे दी है। इस भूखंड पर 33/11 केवी विद्युत शक्ति उपकेंद्र का निर्माण किया जाएगा।

इस परियोजना की शुरुआत साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के अनुरोध से हुई, जिन्होंने जिले में पावर सब स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद सिलाव अंचल अधिकारी से प्रस्ताव मांगा गया, जिसे अनुमंडल पदाधिकारी और भूमि सुधार उप समाहर्ता राजगीर ने भी समर्थन दिया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह भूखंड किसी भी प्रकार के विवाद, मंदिर, मस्जिद, कब्रिस्तान, श्मशान, भूदान, जल निकाय या अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त है। साथ ही इस स्थान तक पहुंचने के लिए पर्याप्त रास्ता भी उपलब्ध है। विशेष रूप से इस जमीन पर किसी भूधारी की जमाबंदी दर्ज नहीं है, जो इसे परियोजना के लिए उपयुक्त बनाता है।

जमीन हस्तांतरण के साथ कुछ शर्तें भी जोड़ी गई हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि जमीन का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाएगा, जिसके लिए इसे हस्तांतरित किया गया है। यदि भविष्य में इसकी आवश्यकता समाप्त हो जाती है, तो यह भूखंड स्वतः संबंधित विभाग को वापस लौट जाएगा।

नानंद गांव और आसपास के क्षेत्रों में बिजली की समस्या लंबे समय से एक प्रमुख मुद्दा रही है। कम वोल्टेज, बिजली कटौती और आपूर्ति में अनियमितता के कारण उपभोक्ताओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इस नए पावर सब स्टेशन के निर्माण से इन समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। यह परियोजना न केवल बिजली आपूर्ति को सुचारू करेगी, बल्कि क्षेत्र में औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी।

33/11 केवी पावर सब स्टेशन के निर्माण से सिलाव प्रखंड और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा। यह परियोजना ग्रामीण विद्युतीकरण को बढ़ावा देने और क्षेत्र के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

स्थानीय प्रशासन और कंपनी के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने पर नानंद और आसपास के गांवों में बिजली की उपलब्धता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे स्थानीय समुदाय को सीधा लाभ मिलेगा।

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