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चंडी महिला हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, दिल्ली-पटना में धराए आरोपी

चंडी (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला पुलिस ने चंडी थाना क्षेत्र में 12 अक्टूबर को हुई सनसनीखेज महिला हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। चंडी थाना पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके पास से हत्या में प्रयुक्त देशी कट्टा, बाइक और खून से लथपथ शर्ट बरामद हुई है।

यह घटना न केवल इलाके में दहशत फैला चुकी थी, बल्कि जीविका दीदी के रूप में जानी-पहचानी रेखा देवी के नाम आने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस का दावा है कि यह हत्या पारिवारिक विवाद और संपत्ति के लालच से प्रेरित थी, जिसका खुलासा गहन पूछताछ से हुआ।

सड़क किनारे नहर पर मिला खून से सना शव

12 अक्टूबर की सुबह चंडी थाना क्षेत्र के कोयल बिगहा-पहाड़पुर मार्ग पर सड़क किनारे नहर के पास ग्रामीणों ने एक महिला का शव देखा। शव की हालत देखकर इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका के सिर में गोली लगी हुई थी, जो साफ बता रही थी कि यह सुनियोजित हत्या है।

घटनास्थल पर ही महिला की मौत हो चुकी थी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य संग्रह किया। मृतका की पहचान गंगा बिगहा निवासी सुमित्रा देवी (उम्र 42 वर्ष) के रूप में हुई। सुमित्रा एक गरीब किसान परिवार से ताल्लुक रखती थीं और दैनिक मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती थीं।

मृतका के पति रामविलास यादव ने तुरंत चंडी थाने में एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने जीविका सीएम रेखा देवी (सुधीर यादव की पत्नी, गंगा बिगहा निवासी), उसके पति सुधीर यादव, अवधेश यादव (स्वर्गीय राघो यादव के पुत्र, पटना निवासी) और कुछ अन्य अज्ञात लोगों को नामजद अभियोगी बनाया।

रामविलास ने बताया कि रेखा देवी और उसके परिवार वाले लंबे समय से उनकी पत्नी से जमीन और संपत्ति को लेकर विवाद में थे। मेरी पत्नी ने कभी किसी से दुश्मनी नहीं की, लेकिन रेखा दीदी ने उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी थी। हमने सोचा नहीं था कि वे हत्या तक चले जाएंगे।

दिल्ली और पटना से दबोचे आरोपी

चंडी थाना प्रभारी एसआई मनोज कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड) के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। पहले दिल्ली से रेखा देवी को गिरफ्तार किया गया। रेखा जीविका समूह की प्रमुख थीं और इलाके में ‘दीदी’ के नाम से जानी जाती थीं। पूछताछ में रेखा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके बाद पटना से अवधेश यादव को दबोचा गया। अवधेश पर हत्या में मुख्य भूमिका निभाने का शक था।

अवधेश के घर पर छापेमारी के दौरान पुलिस को एक देशी कट्टा (खाली कारतूस सहित), हत्या में प्रयुक्त सफेद रंग की बाइक और खून से सनी शर्ट बरामद हुई। फॉरेंसिक जांच में शर्ट पर मृतका का ही खून साबित हुआ। बाइक पर लगे नंबर प्लेट से घटनास्थल के पास सीसीटीवी में दिखी बाइक से मैच हो गया। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी संपत्ति हड़पने के चक्कर में सुमित्रा को रास्ते में रोककर गोली मार दी। रेखा ने योजना बनाई, जबकि अवधेश ने हत्या को अंजाम दिया।

संपत्ति विवाद ने लिया खूनी रूप

पूछताछ में सामने आया कि गंगा बिगहा में 2 एकड़ उपजाऊ जमीन को लेकर रेखा देवी और सुमित्रा देवी के बीच पुराना विवाद चल रहा था। रेखा, जो जीविका के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत हो चुकी थीं, सुमित्रा की जमीन पर कब्जा करना चाहती थीं। विवाद बढ़ने पर रेखा ने सुमित्रा को धमकियां दीं।

12 अक्टूबर को रेखा और अवधेश ने सुमित्रा को कोयल बिगहा रोड पर बुलाया और गोली मार दी। हत्या के बाद शव को नहर किनारे फेंक दिया गया। पुलिस का कहना है कि रेखा ने अवधेश को पैसे देकर हत्या करवाई, जो उसके चचेरे भाई का बेटा है।

इलाके में दहशत और पुलिस की सतर्कता

हत्या के बाद पूरे चंडी, कोयल बिगहा और पहाड़पुर क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। महिलाएं अकेले बाहर निकलने से डर रही थीं। जीविका दीदियों के बीच भी असुरक्षा की भावना घर कर गई। एसपी नालंदा ने बताया कि हमारी टीम ने 10 दिनों में केस सॉल्व कर लिया। दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए हैं। अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है। फिलहाल, पुलिस ने 3 संदिग्धों के घरों पर छापे मारे हैं।

मृतका के दो बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) अनाथ हो गए हैं। यह घटना न केवल संपत्ति विवाद की कड़वी सच्चाई उजागर करती है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की असुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती है।

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