5-5 लाख के 37 ब्लैंक चेक समेत 1.86 करोड़ चुनाव फंडिंग के साथ निर्दलीय प्रत्याशी गिरफ्तार

हरनौत (नालंदा दर्पण)। बिहार विधानसभा चुनाव की रंगभूमि में नालंदा जिले में पुलिस प्रशासन की सतर्कता की जाल ने एक निर्दलीय प्रत्याशी को फंसाते हुए बड़ा खुलासा किया है। हरनौत थाना क्षेत्र के छतियाना गांव के पास चेकपोस्ट पर वाहन जांच के दौरान शेखपुरा विधानसभा क्षेत्र (169) से निर्दलीय प्रत्याशी विजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके वाहन से 55 हजार 500 रुपये नकद के साथ-साथ 5-5 लाख रुपये मूल्य के 37 ब्लैंक चेक बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 1 करोड़ 85 लाख रुपये है। इस तरह कुल 1.86 करोड़ रुपये की बरामदगी ने चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का संदेह गहरा दिया है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर नालंदा जिला प्रशासन ने आचार संहिता के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए पूरे जिले में 50 से अधिक चेकपोस्ट स्थापित किए हैं। इन चेकपोस्टों पर 24 घंटे सघन वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें नकदी, हथियारों और संदिग्ध सामग्री पर विशेष नजर रखी जा रही है। हरनौत थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में छतियाना चेकपोस्ट पर तैनात पुलिस टीम ने दोपहर करीब 2 बजे एक संदिग्ध एसयूवी वाहन को रोका।
वाहन चालक ने शुरुआत में सामान्य यात्रा का बहाना बनाया, लेकिन गहन तलाशी में एक काला बैग मिला, जिसमें नकद के अलावा 37 ब्लैंक चेक बरामद हुए। ये चेक दीपक कुमार शर्मा के हस्ताक्षरित हैं, लेकिन उनमें भुगतान प्राप्तकर्ता का नाम, खाता नंबर या तारीख अंकित नहीं है।
प्रत्याशी विजय कुमार ने पूछताछ में चेकों के स्रोत और उद्देश्य के बारे में अस्पष्ट जवाब दिए, जिसके बाद उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया, “वाहन में प्रत्याशी स्वयं सवार थे और फरार होने की कोशिश की, लेकिन टीम की तत्परता से उन्हें पकड़ लिया गया।”
पुलिस ने बरामद वस्तुओं की विस्तृत सूची तैयार की है।
| वस्तु | मात्रा/मूल्य | विवरण |
| नकद राशि | 55,500 रुपये | 500 और 100 रुपये के नोटों में बंधी हुई |
| ब्लैंक चेक | 37 चेक | प्रत्येक 5 लाख रुपये का, कुल 1.85 करोड़ रुपये |
| चेक हस्ताक्षरकर्ता | दीपक कुमार शर्मा | खाता विवरण: [बैंक नाम गोपनीय, जांचाधीन] |
| चेक की स्थिति | ब्लैंक (नाम/खाता/तारीख अनुपस्थित) | भुगतानकर्ता का नाम अंकित, लेकिन प्राप्तकर्ता का कोई विवरण नहीं |
| कुल मूल्य | 1.86 करोड़ रुपये | नकद + चेक |
ये चेक बिना किसी वैध दस्तावेज के ले जाए जा रहे थे, जो चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्पष्ट उल्लंघन है। आयोग के नियमों के मुताबिक चुनावी अवधि में 50,000 रुपये से अधिक नकदी या वित्तीय साधन बिना स्रोत प्रमाण के ले जाना प्रतिबंधित है।
बरामदगी की सूचना मिलते ही हरनौत थाना पुलिस ने तुरंत आयकर विभाग, पटना को सूचित किया। विभाग की एक उच्च स्तरीय टीम दोपहर 4 बजे घटनास्थल पर पहुंची और पूछताछ शुरू कर दी। आयकर अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि हम राशि के स्रोत, लेन-देन के उद्देश्य और चेक जारीकर्ता दीपक कुमार शर्मा की भूमिका की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में संदेह है कि यह राशि चुनावी खर्च या वोटर प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल होनी थी।
सूत्रों के अनुसार दीपक कुमार शर्मा शेखपुरा जिले के एक प्रमुख व्यवसायी हैं, जिनका नाम पहले भी चुनावी फंडिंग के मामलों में आ चुका है। पुलिस अब शर्मा को समन जारी करने की तैयारी में है। थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि यह राशि चुनाव प्रचार, वोट खरीद या अन्य अवैध गतिविधि से जुड़ी है। फिलहाल विजय कुमार को 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया जाएगा।
नालंदा जिले में चुनावी चौकसी के तहत अब तक 15 लाख रुपये से अधिक नकदी, 20 अवैध हथियार और 50 से अधिक संदिग्ध वाहन जब्त हो चुके हैं। यह घटना जिले में तीसरी बड़ी बरामदगी है, जो निर्दलीय प्रत्याशियों पर नजर रखने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में विजय कुमार ने दावा किया कि ये चेक मेरे व्यापारिक साझेदार दीपक शर्मा के हैं, जो चुनाव से असंबंधित हैं। हालांकि बिना खाता नंबर वाले ब्लैंक चेक इस दावे पर सवाल उठाते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना निर्दलीय उम्मीदवारों की फंडिंग पर नया प्रकाश डालेगी।





