स्कूल की जर्जर छत गिरने से शिक्षिका समेत 6 छात्र जख्मी

गिरियक (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के गिरियक प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय ईशापुर में एक बड़ा हादसा हुआ है। स्कूल की जर्जर छत का एक हिस्सा गिर जाने से शिक्षिका समेत 6 छात्र जख्मी हो गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर थे, क्योंकि स्कूल का भवन पिछले करीब दो साल से जर्जर स्थिति में था। ग्रामीणों ने शिक्षकों से लेकर विभागीय अधिकारियों तक को इसकी सूचना दी थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
गनीमत यह रही कि छत का एक हिस्सा गिरा और पूरी छत नहीं गिरी, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना में कुछ छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं, जैसे किसी का हाथ टूट गया है, जबकि अन्य को सामान्य चोटें लगी हैं। घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
यह घटना स्कूल में भवन की दयनीय स्थिति और प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है। यह हादसा दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ, जब कक्षा 3 के बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया। घायलों को सबसे पहले नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्रारंभिक उपचार के बाद दो गंभीर रूप से घायल छात्रों राहुल कुमार (8 वर्ष) और प्रिया कुमारी (9 वर्ष) को सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि स्कूल भवन की छत वर्षों से जर्जर अवस्था में थी। बारिश के मौसम में रखरखाव की कमी के कारण संरचना कमजोर हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षा विभाग द्वारा बार-बार शिकायत के बावजूद मरम्मत कार्य नहीं कराया गया।

बता दें कि ईशापुर प्राथमिक विद्यालय में लगभग 120 छात्र पढ़ते हैं। भवन 1990 के दशक का बताया जा रहा है और पिछले साल भी इसी तरह की शिकायतें दर्ज की गई थीं। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने बताया कि तत्काल जांच टीम गठित की गई है, और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
घटना के बाद स्कूल के बाहर सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए। उन्होंने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और भवन की तत्काल मरम्मत की मांग की। यह हादसा बिहार के ग्रामीण स्कूलों की बदहाली को उजागर करता है। पिछले कुछ महीनों में राज्य में इसी तरह के कई हादसे हो चुके हैं, जहां जर्जर भवनों के कारण छात्रों को खतरा हुआ है।





