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बीस वर्ष बाद भी इस्लामपुर का झरिया नहीं पहुंच सका सीएम नीतीश का विकास

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर प्रखंड के झरिया बिगहा गांव के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पक्की सड़क जैसी सरकारी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। इस गांव में लोगों की आबादी करीब 250 है।

ग्रामीण सुधीर यादव, सत्येंद्र यादव, लखन यादव आदि ने बताया कि इस गांव की तकदीर नही बदला है। गांव के लोगों को पक्की सड़क नसीब नहीं है। खेतों की पगडंडी के सहारे ढेड़ किलोमीटर पैदल चलने के बाद जलवार नदी पार कर पक्की सड़क पर पहुंचते हैं।

गांव में सरकारी विधालय और आंगनबाड़ी केंद्र के साथ सरकारी चिकित्सा सेवा का सुविधा नहीं है। सरकारी तौर पर समुदाय भवन भी नहीं है। बरसात के समय ग्रामीणों को नारकीय जिदंगी जीना पड़ता है।

लोगों को बीमारी से पीड़ितो को खटिया पर लादकर खेतों की पगडंडी के सहारे इलाज करवाने के लिए इस गांव से 3 किलोमीटर दूर इस्लामपुर चिकित्सा केंद्र मे ले जाना पड़ता है। कोई भी प्रतिनिधि को इस तरह के ग्रामीणो की समस्याओं से लेना देना नहीं है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।Jharia in Islampur has been deprived of the development that Chief Minister Nitish Kumar has brought about over the past twenty years 1

इस पंचायत के पूर्व मुखिया अनिल सिंह बताते हैं कि झरिया बिगहा गांव के लोगों को खेतों की पगडंडी के सहारे चलकर जलवार नदी पार कर आवागमन करना ही नियती बना है और स्कुल, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य चिकित्सा, पक्की सड़क की सुविधा नहीं रहने से वहां के वच्चों के साथ ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के समय मे वहा के ग्रामीण हाल से वेहाल हो जाते है।

इधर समाजसेवी सुभाष यादव ने कहा कि राज्य सरकार के सड़क को पक्कीरण करवाने के साथ जलवार नदी मे पुल बनवाने का मांग किया गया था। लेकिन अब तक कुछ नहीं हो सका है। जिसके कारण बरसात के समय में ग्रामीणों को आने जाने काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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