खुशियां बनीं मातम: हर्ष फायरिंग में बच्ची जख्मी, हथियार संग आरोपी गिरफ्तार

हिलसा (नालंदा दर्पण)। चंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत दयालपुर गांव में शादी की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब बारात के दौरान की गई हर्ष फायरिंग ने एक मासूम बच्ची को घायल कर दिया। इस घटना ने न केवल गांव में दहशत का माहौल पैदा किया, बल्कि सामाजिक आयोजनों में हथियारों के बेपरवाह इस्तेमाल पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात करीब 12:15 बजे दयालपुर गांव में बारात लगी हुई थी। परंपरागत उत्साह और जश्न के माहौल में कुछ लोग हर्ष फायरिंग कर रहे थे। इसी दौरान अचानक चली एक गोली वहां मौजूद 9 वर्षीय सिवानी कुमारी के बाएं पैर के पंजे में जा लगी। गोली लगते ही बच्ची दर्द से कराह उठी और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। खुशियों का माहौल कुछ ही पलों में चीख-पुकार में बदल गया।
घटना की सूचना मिलते ही चंडी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल बच्ची को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल चंडी में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की स्थिति को स्थिर बताया और उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। हालांकि इस घटना से बच्ची और उसके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हर्ष फायरिंग की यह घटना मोहम्मदपुर गांव निवासी अवधेश कुमार द्वारा की गई थी, जो पीड़िता के रिश्तेदार भी बताए जा रहे हैं। रिश्तेदारी के कारण पीड़ित पक्ष ने शुरुआत में कोई लिखित शिकायत नहीं दी, लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतः संज्ञान लिया और कानूनी कार्रवाई शुरू की।
चंडी थाना में इस संबंध में कांड संख्या 150/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 109 (1) और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू की। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अवधेश कुमार को उसके गांव मोहम्मदपुर से एक देशी कट्टा के साथ गिरफ्तार कर लिया।
इसके अतिरिक्त आरोपी के खिलाफ अस्थावां थाना में भी कांड संख्या 61/26 के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 25 (1-बी) के अंतर्गत अलग से मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि चंडी थाना में दर्ज मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने इस घटना को गंभीर लापरवाही का उदाहरण बताते हुए आम लोगों से अपील की है कि शादी-विवाह या अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में हर्ष फायरिंग से पूरी तरह बचें। पुलिस का कहना है कि ऐसी लापरवाही कभी भी किसी की जान ले सकती है और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि क्षणिक दिखावे के नाम पर की जाने वाली हर्ष फायरिंग किस तरह निर्दोष लोगों के लिए जानलेवा बन सकती है। जरूरत इस बात की है कि समाज स्वयं जागरूक बने और ऐसे खतरनाक गतिविधियों का बहिष्कार करे। ताकि खुशियों के मौके किसी परिवार के लिए दर्द का कारण न बनें।
समाचार स्रोत: मुकेश भारतीय/मीडिया रिपोर्ट







