चंडी में चोरी की बड़ी वारदात, 22 खंभों से बिजली तार गायब, सिंचाई पर संकट

देर रात अज्ञात चोरों ने एक किलोमीटर क्षेत्र में 22 बिजली खंभों से तार काटे, सैकड़ों बीघा फसल की सिंचाई प्रभावित; किसानों में आक्रोश, पुलिस जांच में जुटी

हिलसा (नालंदा दर्पण)। चंडी थाना क्षेत्र में देर रात अज्ञात चोरों ने बिजली व्यवस्था को निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने लगभग एक किलोमीटर के दायरे में लगे 22 बिजली के खंभों से तार काटकर गायब कर दिए। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और किसानों की सैकड़ों बीघा में लगी फसलों की सिंचाई पर संकट खड़ा हो गया है।

सुबह खेत पहुंचे किसानों के सामने आई सच्चाईः अहले सुबह जब किसान रोज की तरह अपने खेतों में सिंचाई करने पहुंचे, तो बिजली के खंभों से तार गायब देख उनके होश उड़ गए। पहले तो उन्हें अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन जब पूरे क्षेत्र में एक-एक कर खंभों की जांच की गई तो चोरी की पुष्टि हो गई। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव और आसपास के इलाकों में फैल गई, जिससे किसानों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल बन गया।

स्थानीय किसानों ने बताया कि उनकी फसल पूरी तरह बिजली आधारित सिंचाई पर निर्भर है। इस समय खेतों में गेहूं, चना और सब्जियों की फसल लगी हुई है, जिन्हें नियमित पानी की जरूरत होती है। बिजली तार चोरी होने से अब उन्हें मजबूरन डीजल से चलने वाले पंपसेट का उपयोग करना पड़ेगा, जिससे सिंचाई की लागत कई गुना बढ़ जाएगी।

एक किसान ने नाराजगी जताते हुए कहा, “हम पहले ही महंगाई और मौसम की मार झेल रहे हैं। अब बिजली तार चोरी होने से हमारी खेती और महंगी हो जाएगी। अगर जल्द बिजली बहाल नहीं हुई, तो हमारी फसल बर्बाद हो सकती है।”

बिजली विभाग ने किया निरीक्षण, नुकसान का आकलन जारीः घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के कनीय अभियंता (जेई) मनीष कुमार मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों द्वारा तार चोरी की सूचना मिलने के बाद जांच की गई, जिसमें 22 खंभों से बिजली तार काटकर चोरी किए जाने की पुष्टि हुई है।

उन्होंने कहा कि विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है और जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। विभागीय स्तर पर भी इस मामले को गंभीरता से लिया गया है।

पुलिस ने कहा- आवेदन मिलने पर दर्ज होगी प्राथमिकीः इधर चंडी थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि ग्रामीणों से मामले की मौखिक शिकायत मिली है। हालांकि अभी तक बिजली विभाग की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पुलिस अपने स्तर से भी घटना की जांच कर रही है और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस को आशंका है कि यह चोरी किसी संगठित गिरोह द्वारा की गई है।

किसानों में रोष, जल्द बहाली और गिरफ्तारी की मांगः इस घटना के बाद ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों ने प्रशासन और बिजली विभाग से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने और चोरों की गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर सिंचाई नहीं होने से उनकी मेहनत और निवेश दोनों बर्बाद हो सकते हैं।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द बिजली व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

बढ़ रही बिजली उपकरण चोरी की घटनाएंः समूचे नालंदा जिले में ग्रामीण इलाकों में हाल के दिनों में बिजली तार और उपकरण चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे न केवल बिजली व्यवस्था बाधित होती है, बल्कि किसानों और आम लोगों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

फिलहाल, ग्रामीणों की नजर बिजली विभाग और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है। अब देखना यह है कि प्रशासन कितनी जल्दी बिजली आपूर्ति बहाल कर चोरों तक पहुंच पाता है।

समाचार स्रोतः मुकेश भारतीय / मीडिया रिपोर्टस्

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