
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए नालंदा साइबर थाना पुलिस टीम ने आज एसटीसी विद्याश्रम स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर बच्चों एवं उनके अभिभावकों को साइबर ठगी से बचने के महत्वपूर्ण उपाय बताए गए।
कार्यक्रम के दौरान साइबर थाना के अपर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मोबाइल पर आने वाले किसी भी अनजान लिंक को बिना जांचे-परखे क्लिक न करें।
उन्होंने बताया कि आजकल बच्चे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अधिक उपयोग करते हैं, ऐसे में अनजान लोगों को फ्रेंड लिस्ट में जोड़ना या मैसेंजर पर उनसे बातचीत बढ़ाना खतरनाक साबित हो सकता है। इससे कभी भी साइबर ठगी का शिकार हुआ जा सकता है।
पुलिस निरीक्षक उषा सिन्हा ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चे स्कूल से घर लौटते ही मोबाइल फोन में व्यस्त हो जाते हैं। ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण कई बच्चे पैसों वाले गेम खेलने लगते हैं और अनजाने में अपने या अपने परिवार के बैंक खातों को खाली कर बैठते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें।
पुलिस अवर निरीक्षक राजेंद्र कुमार ने कहा कि स्मार्टफोन का उपयोग करते समय विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है। आज के दौर में बच्चे बड़ों से ज्यादा मोबाइल के आदी होते जा रहे हैं और किताबों से दूर हो रहे हैं। जिस तरह तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है, उसी गति से साइबर अपराधी भी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इसलिए सभी को जागरूक और सावधान रहने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी सलाह दी कि व्हाट्सएप, फेसबुक मैसेंजर या इंस्टाग्राम पर प्राप्त किसी भी लिंक को क्लिक करने से पहले उसे अच्छी तरह जांच लें या घर के किसी अनुभवी व्यक्ति से सलाह अवश्य लें, अन्यथा साइबर ठगी का खतरा बना रहता है।
कार्यक्रम में साइबर थाना की ओर से अपर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, पुलिस निरीक्षक उषा कुमारी, पुलिस अवर निरीक्षक राजेंद्र कुमार, अशोक कुमार झा, शैलेश झा, अबु तालिब अंसारी एवं निरंजन कुमार उपस्थित थे।
इस जागरूकता अभियान से बच्चों और अभिभावकों में साइबर सुरक्षा के प्रति सजगता बढ़ी तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया। स्रोतः नालंदा दर्पण/तालिब







