भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू, जानें डिटेल

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के प्रतिष्ठित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी में चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों (कार्यालय परिचारी, विशिष्ट परिचारी) के रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। इस प्रक्रिया के तहत जिलाधिकारी कुंदन कुमार द्वारा जारी एक सूची में कुल 96 अभ्यर्थियों को चयनित और अनुशंसित किया गया है। इनमें से 17 अभ्यर्थियों को इस संस्थान में नियुक्ति के लिए आवंटित किया गया है।

यह कदम न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगा, बल्कि संस्थान की प्रशासनिक और कार्यालयी सेवाओं को और सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संस्थान के प्राचार्य की अध्यक्षता में आयोजित स्थापना चयन समिति की बैठक में नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न करने का निर्णय लिया गया।

प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्राप्त करने से पहले अपने शैक्षणिक और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।

इसके लिए अभ्यर्थियों को 25 अगस्त 2025 को पूर्वाह्न 11 बजे कॉलेज काउंसिल कक्ष, प्रशासनिक भवन में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

सत्यापन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में प्रवेश पत्र और पहचान पत्र , शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), हालिया पासपोर्ट साइज फोटो, अनापत्ति प्रमाण पत्र (यदि अभ्यर्थी पहले से किसी अन्य संस्थान में कार्यरत हैं), विभिन्न शपथ पत्र, जो अनुमंडल पदाधिकारी या कार्यपालक दंडाधिकारी द्वारा निर्गत हों।

प्राचार्य ने चेतावनी दी है कि दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अभ्यर्थी की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। साथ ही, सत्यापन प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार का यात्रा भत्ता प्रदान नहीं किया जाएगा।

चयनित 17 अभ्यर्थियों की सूची में नीतीश कुमार, त्रिपुरारी नाथ सिंह, रंजीत कुमार, पंकज कुमार, रोहित कुमार वर्मा, भोला रजक , उमेश कुमार , रवि कुमार प्रसाद, उदय कुमार, प्रिया रंजन कुमार, अजय कुमार (दो अभ्यर्थी), नवीन कुमार, संजीव कुमार, राजीव कुमार रंजन, पप्पू कुमार, कुलिंदर पासवान नाम शामिल हैं।

इन अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे सत्यापन के लिए समय पर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित हों ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी से बचा जा सके।

बता दें कि भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान, पावापुरी नालंदा जिले का एक प्रमुख चिकित्सा और शैक्षणिक केंद्र है, जो अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं और शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। इस नियुक्ति प्रक्रिया से न केवल संस्थान की कार्यक्षमता में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

संस्थान के प्राचार्य ने बताया कि नियुक्ति प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रखने के लिए सभी चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का गहन सत्यापन किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल योग्य और पात्र अभ्यर्थी ही नियुक्ति प्राप्त करें। साथ ही भविष्य में अन्य रिक्त पदों पर भी नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की योजना है, जिससे संस्थान की कार्यक्षमता और सेवाओं में और सुधार हो सके।

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