अवैध बालू माफिया का दुस्साहस: पुलिस पर हमला कर छुड़ाया जब्त ट्रैक्टर

यह घटना अवैध बालू माफिया के बढ़ते दुस्साहस और कानून व्यवस्था के सामने खड़ी चुनौतियों को उजागर करती है। प्रशासन की सख्ती और स्थानीय लोगों की सतर्कता ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकती है

राजगीर (नालंदा दर्पण)। गिरियक थाना क्षेत्र के प्यारेपुर गांव के पास अवैध बालू खनन में लिप्त माफियाओं ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई, जब खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने नदी किनारे छापेमारी कर एक ट्रैक्टर को जब्त कर लिया था। लेकिन धंधेबाजों की भीड़ ने पुलिस पर हमला बोल दिया और जब्त ट्रैक्टर को छुड़ा लिया।

सूत्रों के अनुसार स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी कि सकरी नदी के पास बालू का अवैध खनन हो रहा है। इस पर गिरियक और पावापुरी थाना की पुलिस ने खनन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर छापेमारी की। मौके पर पुलिस ने देखा कि एक ट्रैक्टर पर बालू लोड किया जा रहा था। पुलिस को देखते ही ट्रैक्टर चालक भागने की कोशिश करने लगा।

पुलिस ने जब ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की तो घटनास्थल पर दर्जनों लोग जमा हो गए। भीड़ ने पुलिस का विरोध करना शुरू कर दिया और मारपीट व हाथापाई पर उतर आए। इस हंगामे का फायदा उठाकर ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर समेत मौके से फरार हो गया।

घटना के दौरान पथराव और पुलिस से मारपीट की चर्चा है। हालांकि पुलिस ने इस दावे से इनकार किया है। किसी भी अधिकारी या कर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है। हमले के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि ट्रैक्टर और बालू माफिया के फरार होने से अवैध खनन के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और रोष का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण बालू माफिया लगातार सक्रिय हैं और खुलेआम कानून का मजाक उड़ा रहे हैं। वहीं  पुलिस का कहना है कि अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर अन्य दोषियों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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