Home खुदागंज बनारस टू नालंदा: लग्जरी बस में छिपी लाखों की शराब बरामद, 3...

बनारस टू नालंदा: लग्जरी बस में छिपी लाखों की शराब बरामद, 3 तस्कर गिरफ्तार

नालंदा दर्पण डेस्क। सूखे राज्य बिहार में शराब तस्करी का जाल दिन-ब-दिन और भी जटिल होता जा रहा है, और इस सप्ताह पुलिस ने इस अवैध कारोबार में बड़ी सफलता हासिल की है। बनारस से नालंदा के खुदागंज तक पहुँच रही 5 लाख रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब की खेप के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।मोहनिया इलाके में पुलिस की कार्रवाई

बनारस से नालंदा तक शराब तस्करी का बड़ा खुलासा

यह घटना न केवल तस्करी के नए और चालाक तरीके उजागर करती है, बल्कि राज्य की सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी करने की आवश्यकता को भी सामने लाती है। यह मामला कैमूर जिले के मोहनियाँ इलाके की है, जहाँ उत्पाद विभाग की टीम ने एक संदिग्ध बस पर निगरानी रखी।

मोहनिया इलाके में पुलिस की कार्रवाई

उत्पाद निरीक्षक गुंजेश कुमार के नेतृत्व में सुबह लगभग साढ़े 10 बजे ‘मनीष शारदा स्लीपर कोच बस’ को रोका गया। बस में यात्रियों की जांच के दौरान छिपाकर रखी गई शराब की बड़ी खेप बरामद हुई।

उत्पाद निरीक्षक के अनुसार यह शराब बनारस से लाई जा रही थी और इसका अंतिम गंतव्य खुदागंज था। तस्करों की योजना थी कि शेरघाटी में माल उतारा जाए और फिर छोटे वाहनों के जरिए ग्रामीण इलाकों में वितरित किया जाए। लेकिन टीम की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी

गिरफ्तार तस्करों की पहचान सूरजदेव गोस्वामी (खुदागंज, नालंदा), शंभू गोस्वामी (गुरुआ, गया) और पवन कुमार (खैरा, औरंगाबाद) के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि ये आपस में रिश्तेदार या करीबी सहयोगी हैं और शराब तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हैं।

ये तस्कर बस और अन्य सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करके शराब की डिलिवरी करते हैं, ताकि किसी को शक न हो। बरामद शराब मुख्य रूप से महंगी अंग्रेजी ब्रांड की थी, जिसमें व्हिस्की और वोडका शामिल हैं और इसका अनुमानित बाजार मूल्य 5 लाख रुपये से अधिक है।

उत्पाद विभाग और पुलिस की सतर्कता

उत्पाद निरीक्षक गुंजेश कुमार

उत्पाद निरीक्षक गुंजेश कुमार ने ‘एक्सपर्ट मीडिया न्यूज रिपोर्ट’ से बातचीत में कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। तस्करों ने बस को सामान्य यात्रा का आवरण दिया था, लेकिन उनकी गुप्त सूचना और सतर्कता ने इसे रोक दिया। शेरघाटी में माल बांटकर ग्रामीण इलाकों में पहुंचाने की योजना थी।

उन्होंने बताया कि राज्य में शराबबंदी के बावजूद ऐसे गिरोह सक्रिय हैं और पड़ोसी राज्यों से शराब लाकर सप्लाई करते हैं। यह घटना बिहार में बढ़ती शराब तस्करी की समस्या को उजागर करती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि सीमावर्ती इलाकों में चेकिंग बढ़ाना और इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करना ही इस पर काबू पाने का उपाय हो सकता है। गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version