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Bihar Education Department: अब प्राईमरी और मिडिल स्कूलों में शिक्षकों की मानक बदला

Bihar Education Department: Now the standards of teachers in primary and middle schools have changed
Bihar Education Department: Now the standards of teachers in primary and middle schools have changed

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार शिक्षा विभाग (Bihar Education Department) ने राज्य के सरकारी प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और मध्य विद्यालयों (कक्षा 6 से 8) में शिक्षकों की मानक संख्या निर्धारित कर दी है। इस नए नियम के तहत प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम 5 और मध्य विद्यालयों में कम से कम 9 शिक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य होगी।

शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि 31 जनवरी तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर विद्यालयों में स्वीकृत पदों और रिक्तियों का विवरण अपलोड किया जाए।

अब 120 तक नामांकन वाले विद्यालयों में 4 शिक्षक होंगे। 121 से 150 नामांकन वाले विद्यालयों में 5 शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। 150 से अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूलों में हर 40 विद्यार्थियों पर 1 शिक्षक नियुक्त होगा। प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में एक प्रधान शिक्षक होगा, जो उपरोक्त शिक्षकों के अतिरिक्त होगा।

वहीं 105  विद्यार्थियों तक नामांकन वाले विद्यालयों में कम से कम 4 शिक्षक होंगे। विज्ञान व गणित का एक शिक्षक, सामाजिक अध्ययन का एक शिक्षक, हिंदी का एक शिक्षक और अंग्रेजी का एक शिक्षक होंगे।

वहीं 105 विद्यार्थियों से अधिक नामांकन होने पर हर 35 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक रखा जाएगा। प्रत्येक मध्य विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक का पद स्वीकृत होगा, जो शिक्षकों की संख्या के अतिरिक्त होगा। विज्ञान और गणित के लिए अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की जा सकती है। उर्दू और संस्कृत शिक्षकों के लिए भी विशेष प्रावधान संभव है।

स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति का आधार विद्यालयों में उपलब्ध कक्षाओं (क्लासरूम्स) के आधार पर शिक्षकों की वास्तविक संख्या तय होगी। ऐसे माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय, जहां कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई होती है, वहां भी शिक्षकों की संख्या इसी मानक के अनुसार निर्धारित होगी।

इस फैसले से  राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी। छात्र-शिक्षक अनुपात बेहतर होगा, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। विज्ञान, गणित, हिंदी, अंग्रेजी सहित हर विषय के लिए शिक्षक उपलब्ध होंगे। ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से स्कूलों में रिक्तियों और नियुक्तियों पर पारदर्शिता बनी रहेगी।

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