शिक्षा विभाग की बड़ी सर्जरी की तैयारी, ऐसे DEO-DPO की होगी छुट्टी!
समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक के सभी पदों पर योग्य प्रशासनिक उपसंवर्ग के अधिकारियों की स्थायी तैनाती होनी चाहिए, ताकि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और गति लाई जा सके।

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार में शिक्षक स्थानांतरण के तहत स्कूल आवंटन प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग अब पूरी तरह सख्त हो गया है। विभाग की नजर उन जिलों पर टिकी है। जहां स्कूल आवंटन कार्य में लापरवाही और धीमी प्रगति देखने को मिली है।
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो शिक्षा विभाग ने ऐसे जिलों के अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है, जिनकी नाकामी का खामियाजा उन्हें अपनी कुर्सी गंवाकर चुकाना पड़ सकता है।
खबर है कि जून महीने के अंत तक बिहार शिक्षा सेवा के प्रशासनिक उपसंवर्ग के अधिकारियों के स्थानांतरण व पदस्थापन की बड़ी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें विशेष तौर पर उन जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) को हटाया जा सकता है, जिनका प्रदर्शन शिक्षक स्कूल आवंटन कार्य में बेहद खराब रहा है।
इस बार स्थानांतरण की प्रक्रिया केवल जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि प्रमंडलीय स्तर पर भी व्यापक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
शिक्षा विभाग ने तय किया है कि राज्य के सभी नौ प्रमंडलों में क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (RDDE) के पदों पर बिहार शिक्षा सेवा के स्केल 13 वाले अधिकारियों को ही तैनात किया जाएगा।
वर्तमान में इन पदों का अतिरिक्त प्रभार प्रमंडलीय आयुक्त के सचिवों को सौंपा गया है, जो विभागीय दक्षता के लिहाज से उपयुक्त नहीं माने जा रहे।
पिछले दिनों हुई समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक के सभी पदों पर योग्य प्रशासनिक उपसंवर्ग के अधिकारियों की स्थायी तैनाती होनी चाहिए, ताकि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और गति लाई जा सके।
शिक्षा विभाग की इस सख्ती से उन जिलों के शिक्षा अधिकारियों में हड़कंप मच गया है, जो अभी तक स्कूल आवंटन जैसे अहम कार्यों को गंभीरता से नहीं ले रहे थे।
विभागीय सूत्रों के अनुसार इस बार प्रदर्शन के आधार पर ही पदस्थापन और स्थानांतरण होंगे, जिससे योग्य और कर्मठ अधिकारियों को आगे लाने की योजना है।





