बिहार को जल्द मिलेगा पहला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियमः जानें उसकी खासियतें

यह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियमः न केवल क्रिकेट के लिए, बल्कि राज्य के समग्र खेल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा

राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार को जल्द ही उसका पहला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम मिलने जा रहा है। राज्य के खेल इतिहास में यह परियोजना एक मील का पत्थर साबित होगी। 90 एकड़ क्षेत्र में फैले इस इंटरनेशनल खेल परिसर के तहत 18 एकड़ भूमि पर स्टेडियम का निर्माण तेजी से हो रहा है। इसका निर्माण जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस स्टेडियम में 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रहे 40 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। आधुनिक तकनीक से लैस यह स्टेडियम खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करेगा। यहां नौ पिचें बनाई जा रही हैं। जिनमें से चार से पांच पिचें अभ्यास के लिए समर्पित होंगी। मुख्य पिच का निर्माण भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के विशेषज्ञ क्यूरेटर की देखरेख में किया जा रहा है।

इस स्टेडियम के बन जाने के बाद बिहार में इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) और इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों के आयोजन का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे न केवल खेलों को बढ़ावा मिलेगा। बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को खेल क्षेत्र में अपने कौशल को निखारने का अवसर मिलेगा।

इस स्टेडियम को लेकर स्थानीय प्रशासन और खेल प्रेमियों में उत्साह है। स्टेडियम के निर्माण कार्य में लगे अधिकारियों ने बताया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे करने के लिए आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले सामग्रियों का उपयोग किया जा रहा है।

बिहार में खेल सुविधाओं का अभाव लंबे समय से एक चिंता का विषय रहा है। राजगीर का यह इंटरनेशनल स्टेडियम राज्य में खेल संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास है। इसके माध्यम से न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा। बल्कि राज्य का नाम भी इंटरनेशनल स्तर पर रोशन होगा।

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