जंग का मैदान बना बिहारशरीफ आरपीएस स्कूल, हिंसक झड़प में 6 छात्र जख्मी

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहारशरीफ नगर के कचहरी क्षेत्र स्थित आरपीएस स्कूल में आज शुक्रवार को एक गंभीर घटना सामने आई, जहां लंच के दौरान छात्रों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस मारपीट में छह छात्र घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घायल छात्रों को स्कूल स्टाफ द्वारा बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल छात्रों में 15 वर्षीय साहिल कुमार, 14 वर्षीय प्रियांशु कुमार, 15 वर्षीय विशाल कुमार, सुभम कुमार और अन्य शामिल हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों और अभिभावकों के अनुसार यह घटना तब शुरू हुई जब कुछ छात्र लंच के दौरान समोसा खा रहे थे। तभी एक अन्य छात्र समूह ने उन पर हमला कर दिया। मारपीट में लोहे के रॉड का इस्तेमाल किया गया। जिसके कारण कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं।

यह झड़प कक्षा 9वीं, 9सी और 10डी के छात्रों के बीच हुई। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि यह सब शिक्षकों की मौजूदगी में हुआ। लेकिन किसी ने बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की।

घटना के बाद स्कूल परिसर में हंगामा मच गया। गुस्साए अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और स्कूल के माहौल पर सवाल उठाए।

एक अभिभावक ने कहा कि ऐसी हिंसक लड़ाई सड़क पर भी नहीं होती। लेकिन यह स्कूल के अंदर शिक्षकों के सामने हुई। ऐसे माहौल में बच्चे पढ़ाई कैसे करेंगे?

घटना की कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों ने बताया कि स्कूल स्टाफ ने उनके साथ बदसलूकी की। जब पत्रकार हंगामे का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे तो उन्हें रोकने की कोशिश की गई और स्कूल परिसर से बाहर कर दिया गया। इस घटना ने स्कूल प्रशासन की कार्यशैली पर और सवाल खड़े कर दिए।

अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि मारपीट करने वाले छात्रों को घर भेज दिया गया। जबकि घायल छात्रों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) देने की धमकी दी जा रही है।

एक अभिभावक ने कहा कि स्कूल डायरेक्टर का रवैया अजीब है। हिंसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की बजाय, घायल बच्चों को ही निशाना बनाया जा रहा है।

आरपीएस स्कूल के डायरेक्टर अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि यह घटना लंच के समय हुई, जब कुछ बच्चों के बीच विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई।

उन्होंने कहा कि हमने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की है। चार छात्रों को रिस्ट्रिकेट कर दिया गया है और उनके परिजनों को बुलाया गया है।  हालांकि अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

इस संबंध में बिहार थानाध्यक्ष सम्राट दीपक ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को स्कूल भेजा गया। उन्होंने कहा कि हमें अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। लेकिन आवेदन मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बहरहाल, इस घटना ने स्कूलों में अनुशासन और छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अभिभावकों का कहना है कि अगर स्कूल में शिक्षकों की मौजूदगी में लोहे के रॉड से मारपीट हो सकती है तो बच्चों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी? इस मामले की गहन जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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